खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों और बेरोजगारी को लेकर सरकार को घेरा, ‘दाम बांधो’ नीति लागू करने का वादा, डॉक्टरों के सम्मान को लेकर भी भाजपा पर तीखी टिप्पणी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में महंगाई, बेरोजगारी, धार्मिक आस्था, संविधान और कानून-व्यवस्था को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को भाजपा सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने बढ़ती महंगाई के लिए सरकार की नीतियों और कथित मुनाफाखोरी को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, एक अन्य बयान में उन्होंने मंदिर के चढ़ावे से जुड़े आरोपों का जिक्र करते हुए भाजपा पर धार्मिक आस्था के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि महंगाई और बेरोजगारी से परेशान जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाने का फैसला कर चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महंगाई पर नियंत्रण के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों के अनुरूप ‘दाम बांधो’ नीति लागू की जाएगी।
महंगाई और त्योहारों में बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों का घरेलू बजट बिगड़ रहा है। उनके बयान के मुताबिक, तेल, दाल, सब्जी, दूध, घी और चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं के साथ कपड़े, जूते और घरेलू सामान भी महंगे हुए हैं। उन्होंने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों का उल्लेख करते हुए कहा कि महंगाई के कारण आम परिवारों के सामने जीवनयापन का संकट पैदा हो रहा है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि त्योहारों के दौरान मुनाफाखोरी और कालाबाजारी के कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है। उन्होंने भाजपा सरकार को महंगाई रोकने में विफल बताते हुए कहा कि बढ़ती कीमतों ने त्योहारों की खुशियों को प्रभावित किया है। अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि महंगाई से होने वाले लाभ का हिस्सा भाजपा को चंदे के रूप में मिलता है।
2027 में सपा सरकार बनने का दावा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी से परेशान जनता भाजपा सरकार को हटाना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांतों के अनुरूप ‘दाम बांधो’ नीति लागू करने की बात कही। सपा की ओर से इसे महंगाई पर नियंत्रण का प्रस्ताव बताया गया है। हालांकि, प्रेस नोट में इस नीति के क्रियान्वयन, कीमतों के निर्धारण और इसे लागू करने की विस्तृत रूपरेखा नहीं दी गई है।
मंदिर के चढ़ावे और डॉक्टरों के सम्मान का मुद्दा उठाया
भाजपा पर अपने दूसरे बयान में अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नौजवानों, छात्रों, किसानों और समाज के दूसरे वर्गों को धोखा दिया है। मंदिर के चढ़ावे का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा पर भगवान की आस्था से जुड़े धन में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उन्होंने डॉक्टरों को ‘धरती का भगवान’ बताते हुए सवाल उठाया कि जो लोग धार्मिक आस्था से जुड़े धन के प्रति ईमानदार नहीं हैं, वे डॉक्टरों के सम्मान और हितों की रक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने भाजपा पर झूठे वादे करने, संविधान और कानून का सम्मान न करने तथा लोगों के अधिकार छीनने का आरोप भी लगाया।
संविधान, आरक्षण और किसानों के मुद्दों पर भी संदेश
सपा से जुड़े सोशल मीडिया संदेशों में ‘एक इंडिया, एक आवाज’ का नारा देते हुए संविधान, आरक्षण, किसानों, महिलाओं और युवाओं के मुद्दे उठाए गए। संदेश में कथित वोट चोरी और एकरंगी सोच के खिलाफ एकजुट होने की अपील की गई तथा ‘जय संविधान, जय हिंदुस्तान’ का नारा दिया गया।एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि ‘पीडीए’ ने दिल्ली के दरवाजे पर दस्तक दी है। इन संदेशों के जरिए सामाजिक न्याय, संविधान और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी गई।
‘सब इंकलाब की मुट्ठी तानो’, भाजपा सरकार बदलने की अपील
पूर्व सीएम अखिलेश यादव के बयान और सोशल मीडिया संदेशों में भाजपा सरकार को बदलने की अपील भी शामिल रही। उन्होंने कहा, “सब इंकलाब की मुट्ठी तानो, बीजेपी सरकार बदल डालो।” यह संदेश सपा की राजनीतिक रणनीति और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी के अभियान से जुड़ा है। इसी दिन साझा किए गए अन्य राजनीतिक संदेशों में भाजपा पर कानून-व्यवस्था और कथित अपराधी संरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए गए।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
