बरेली: हिंदी साहित्य और सांस्कृतिक जगत से जुड़ी एक दुखद खबर सामने आई है।प्रसिद्ध साहित्यकार पंडित राधेश्याम कथावाचक के पुत्र पंडित काशीनाथ शर्मा का मंगलवार को निधन हो गया।उनके निधन की सूचना से शोक की लहर है। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में स्थापित पंडित राधेश्याम कथावाचक शोधपीठ की ओर से उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। शोधपीठ की समन्वयक प्रो. अनीता त्यागी ने शोक संदेश जारी कर दिवंगत पंडित काशीनाथ शर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके निधन को साहित्यिक एवं शोध परिवार के साथ-साथ उनके परिजनों के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
स्नेह और मार्गदर्शन को किया याद
प्रो. अनीता त्यागी ने अपने शोक संदेश में कहा कि पंडित काशीनाथ शर्मा का स्नेह,वात्सल्य और आत्मीय मार्गदर्शन हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनके सहज व्यवहार और प्रेमपूर्ण प्रेरणा से पंडित राधेश्याम कथावाचक की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती रही। उन्होंने कहा कि पंडित काशीनाथ शर्मा का निधन ऐसा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई करना कठिन है। उनके जाने से परिवार और उनसे जुड़े लोगों को गहरी क्षति पहुंची है।
शोधपीठ ने शोक संतप्त परिवार के प्रति जताई संवेदना
पंडित राधेश्याम कथावाचक शोधपीठ और उसके सदस्यों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। प्रो. अनीता त्यागी ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह परिजनों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। पंडित काशीनाथ शर्मा का निधन उनके परिवार और उनसे आत्मीय रूप से जुड़े लोगों के लिए गहरा दुख है। उनके प्रति व्यक्त की गई श्रद्धांजलि और संवेदनाएं उनके स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व तथा साहित्यिक -सांस्कृतिक विरासत से जुड़े उनके योगदान की स्मृतियों को दर्शाती हैं।
