पीलीभीत : पीलीभीत में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली, जहां जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने विकास भवन पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे “नीर अमृत आरो” स्टॉल का फीता काटकर उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से जुड़ी गतिविधियों की भी जानकारी ली गई।
जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर में संचालित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण करते हुए वहां टेडी बियर बनाने और ब्यूटी पार्लर की ट्रेनिंग ले रही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने महिलाओं से प्रशिक्षण की गुणवत्ता, सीखने की प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाई। डीएम ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं न केवल खुद को मजबूत बना सकती हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर कर सकती हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आरओ तैयार कर रही महिलाओं के कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए सरकारी भवनों में आठ आरओ लगाने के ऑर्डर भी दिलवाए। इस फैसले से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाओं का कहना है कि उन्हें पहली बार ऐसा अवसर मिला है, जब उनके उत्पादों को सरकारी स्तर पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाए और जरूरत के अनुसार उन्हें बैंक ऋण भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए वित्तीय सहायता भी जरूरी है।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं स्थानीय स्तर पर उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपने पैरों पर खड़ी होकर समाज में नई पहचान स्थापित करें।
बताया गया कि विकास भवन में मिनिस्ट्री ऑफ रूरल डेवलपमेंट और लीड बैंक ऑफ डिस्ट्रिक्ट के सहयोग से यह प्रशिक्षण केंद्र संचालित किया जा रहा है। यहां करीब 65 महिलाओं को निशुल्क टेडी बियर निर्माण और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने बताया कि उन्हें इस केंद्र से नई सीख और रोजगार का भरोसा मिला है प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक रवि कुमार ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाओं को स्वरोजगार के लिए भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई महिलाओं ने जिलाधिकारी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें आत्मविश्वास मिला है और अब वे अपने भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच रही हैं।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
