लखनऊ : श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से भारत के लिए एक बड़ी और गौरवपूर्ण खबर आई है। इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस एशिया-पैसिफिक (ICA-AP) की 17वीं असेंबली में भारत ने एक बार फिर अपना वैश्विक नेतृत्व साबित किया है।
भारत को बड़ी जीत-डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव निर्विरोध चुने गए
130 देशों से जुड़े इस महत्त्वपूर्ण सहकारिता मंच पर कृभको के वाइस चेयरमैन और वरिष्ठ सहकारिता नेता डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव को लगातार दूसरी बार ICA-AP का चेयरमैन/प्रेसीडेंट चुना गया। वह भी निर्विरोध, यानी सर्वसम्मति से! यह चुनाव सिर्फ एक पद नहीं…यह भारत की सहकारिता नीति, डिजिटल मॉडल और वैश्विक प्रभाव की खुली मान्यता है।
डॉ.चंद्रपाल का प्रभाव-सहकारिता जगत में भारत की मजबूत आवाज
डॉ. यादव पहले NCUI के अध्यक्ष, कृभको के चेयरमैन,और लोकसभा- राज्यसभा दोनों में एक प्रभावशाली सांसद रह चुके हैं। बुंदेलखंड की मिट्टी से उठकर उन्होंने ग्रामीण सहकारिता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। असेंबली में भारत की नीतियों और प्रस्तुतियों ने माहौल को पूरी तरह भारत-केंद्रित कर दिया। दुनिया के कई देशों ने कहा कि “भारत ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को सहकारिता से जोड़कर दुनिया को नया रास्ता दिखाया है।”
130 देशों का भरोसा भारत पर
असेंबली में चीन के आदिली बनली, मलेशिया के दातो अब्दुल्ला फतह को वाइस-प्रेसिडेंट चुना गया। 11 नए डायरेक्टरों के साथ अगले 4 साल की सहकारिता रणनीति तय हुई। अगली क्षेत्रीय बैठक 2027 में बीजिंग में होगी। निर्विरोध चुने जाने के बाद डॉ. यादव ने कहा “मैं भारत को सहकारिता क्षेत्र में विश्व का अगुवा बनाऊँगा। हमारा मिशन है, हर किसान को सहकारिता से सीधा लाभ मिले।”उनके इस बयान ने पूरे सम्मेलन में भारत के नेतृत्व का मजबूत संदेश दिया।
भारत की नई सहकारिता नीति की वैश्विक सराहना
चर्चा में भारत के कई कदमों को गेम-चेंजर माना गया। डिजिटल कोऑपरेटिव मॉडल, PACS सुधार, महिला स्वयं सहायता समूहों को सहकारिता से जोड़ना, कृषि व खाद्य प्रसंस्करण में सामूहिक मॉडल, युवाओं का बढ़ता जुड़ाव है। दुनिया ने माना कि “भारत सहकारिता का भविष्य गढ़ रहा है।”
