देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी
हरियाणा : भारत ने हरित और आधुनिक रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन की शुरुआत कर दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे जंक्शन से इस अत्याधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच लगभग 89 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर संचालित होगी। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल तकनीक का उपयोग करती है और इसे भारतीय रेलवे के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर बड़ा कदम
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में इस उपलब्धि को भारत के रेलवे इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीक से संचालित यह हाइड्रोजन ट्रेन हरित और टिकाऊ रेल परिवहन की दिशा में मील का पत्थर है। उनके अनुसार यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है, बल्कि विश्वस्तरीय रेलवे अवसंरचना विकसित करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। हाइड्रोजन तकनीक से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भविष्य में रेलवे को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकेगा।
हरियाणा को मिली रेलवे, सड़क और स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी सौगात
जींद से वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को हजारों करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी। इनमें कुरुक्षेत्र एलिवेटेड रेलवे ट्रैक और आधुनिक रेलवे स्टेशन का लोकार्पण शामिल है, जिससे शहर के पांच प्रमुख रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। इसके अलावा सिख संग्रहालय की आधारशिला रखी गई, जहां सिख गुरुओं के इतिहास और विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज, महेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज तथा अन्य स्वास्थ्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया, जिससे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
सड़क परियोजनाओं से बदलेगी हरियाणा की कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन और लोकार्पण किया। इनमें दिल्ली-अंबाला-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे, जींद-गोहाना राष्ट्रीय राजमार्ग, अंबाला-काला अंब हाईवे तथा हांसी-बरवाला राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं से दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के बीच सड़क संपर्क मजबूत होगा। किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी और उद्योगों, व्यापार तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
आधुनिक भारत की ओर तेजी से बढ़ता रेलवे नेटवर्क
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, एलिवेटेड ट्रैक, एक्सप्रेसवे और मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाएं यह संकेत देती हैं कि केंद्र सरकार परिवहन, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाइड्रोजन तकनीक भविष्य में भारतीय रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है और इससे स्वच्छ, सुरक्षित तथा टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिलेगी।
