नई दिल्ली में शिखर बैठक, व्यापार समझौते पर नजर
नई दिल्ली : ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। यह बैठक भारत-ब्राजील संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चर्चा में रहे व्यापार समझौते पर मुहर लग सकती है। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर 18 से 22 फरवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य केवल कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई देना है।
2030 तक 20 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
भारत और ब्राजील ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 15.21 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें 25 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसमें भारत का निर्यात 8.35 अरब डॉलर रहा, जबकि ब्राजील से आयात 6.85 अरब डॉलर का रहा। इसके अलावा ब्राजील में भारतीय निवेश 15 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है। ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि दोनों देश आर्थिक सहयोग को लेकर गंभीर हैं और आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और मजबूत हो सकती है।
लूला का बयान: 30–40 अरब डॉलर तक बढ़े व्यापार
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच मौजूदा 15 अरब डॉलर का व्यापार काफी कम है और इसे 30 से 40 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे 260 ब्राजीलियाई कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं, ताकि अंतरिक्ष, रक्षा, फार्मा और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। इस कड़ी में ब्राजील की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट खोलने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर बड़ा समझौता
आज होने वाली बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह समझौता ग्लोबल सप्लाई चेन में चीन पर निर्भरता कम करने, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को मजबूती देने और विकासशील देशों की सामूहिक आवाज को सशक्त बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गौरतलब है कि ब्राजील दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेयर अर्थ रिजर्व रखने वाला देश है, जिसके पास करीब 21 मिलियन मीट्रिक टन का विशाल भंडार है। भारत के लिए यह समझौता इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उत्पादन और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
औपचारिक स्वागत और रणनीतिक भविष्य
राष्ट्रपति भवन में ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का भव्य औपचारिक स्वागत किया गया, जहां द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों देशों के मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का आपसी परिचय भी कराया गया। पीएम मोदी और राष्ट्रपति लूला की यह मुलाकात व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अहम क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को एक नए युग में ले जा सकता है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति लूला 22 फरवरी को दक्षिण कोरिया के लिए रवाना होंगे, लेकिन भारत-ब्राजील रिश्तों की गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी।
