मानसून सत्र के तीसरे दिन नीतीश और तेजस्वी के बीच जबरदस्त तकरार, वोटर लिस्ट रिविजन (SIR) पर भड़का विपक्ष
पटना/लखनऊ : बिहार विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक तकरार और आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया हुआ है। बुधवार को तीसरे दिन सत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आमने-सामने आ गए। वोटर लिस्ट रिविजन (SIR), कानून व्यवस्था और शासनकाल की तुलना को लेकर सदन में तीखी बहस हुई।
तेजस्वी यादव का हमला
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने वोटर लिस्ट रिविजन प्रक्रिया (SIR) पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। तेजस्वी बोले “11 दस्तावेज मांगना गरीब विरोधी है। आधार को शामिल क्यों नहीं किया गया?। चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है, नागरिकता तय करना नहीं।”
नीतीश कुमार का पलटवार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी पर तीखा पलटवार किया और लालू यादव के दौर का हवाला दिया। बोले, “तुम्हारे पिताजी और माताजी साथ में थे… तब पटना में कोई शाम को निकलता था? क्या हाल था उस समय का?। 20 साल में हमने क्या-क्या किया है, जनता जानती है।”नीतीश ने राजद सरकार के दौर को अराजक करार देते हुए विकास के अपने काम गिनाए।
हंगामा, नाराज़गी और स्थगन
सदन में हंगामा इस कदर बढ़ा कि स्पीकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। राजद विधायक भाई वीरेंद्र की टिप्पणी से स्पीकर नाराज़ हो गए और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी से खेद प्रकट कराने की मांग की। स्पीकर बोले: “विरोध लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन भाषा मर्यादित होनी चाहिए।”डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के बीच में टोकने पर भी स्पीकर नाराज़ हुए और कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
