एसपी चीफ ने कहा-महिला आरक्षण बिल में छुपे एजेंडे का विरोध, मंदिर जाने के बाद गंगाजल से धुलवाया गया
लखनऊ/नई दिल्ली : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए महिला आरक्षण, NRC, परिसीमन और श्रमिक मुद्दों पर केंद्र व राज्य सरकार को घेरा।अखिलेश यादव ने कहा कि“जब वोट कटने से रोकने के नाम पर SIR की बात हुई, तब यूपी में NRC जैसी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।”उन्होंने सवाल उठाया कि भविष्य में NRC लागू हुआ तो “नए कागज और नई शर्तें” क्या होंगी।
महिला आरक्षण पर समर्थन, लेकिन शर्तें
सपा प्रमुख ने साफ कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन“इसके बहाने मनमाना परिसीमन कर लोकतंत्र को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी सीमाएं अपने हिसाब से तय कर सत्ता में बने रहने की रणनीति बना रही है।
जातीय जनगणना और OBC मुद्दा उठाया
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि देश में कई जातियां अब तक गिनी ही नहीं गईं। इसलिए जातीय जनगणना जरूरी है। महिला आरक्षण में OBC महिलाओं को शामिल किया जाना चाहिए। श्रमिक और नोएडा मुद्दे पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि “डबल इंजन सरकार के बावजूद नोएडा में सबसे कम वेतन मिल रहा है”। श्रमिकों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी कहा कि सरकार कुछ खास लोगों के हित में काम कर रही है।
“मंदिर जाने के बाद गंगाजल से धुलवाया गया : अखिलेश यादव
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने एक बार फिर अपने बयान से सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने दावा किया कि अपने संसदीय क्षेत्र कन्नौज में एक मंदिर जाने के बाद उसे गंगाजल से धुलवाया गया। अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए कहा, “बताइए, मेरे जाने के बाद मंदिर को गंगाजल से क्यों धुलवाया गया?” उन्होंने इस घटना को लेकर इशारों-इशारों में सामाजिक भेदभाव और राजनीतिक मानसिकता पर सवाल खड़े किए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
नोएडा विवाद और प्रतिनिधिमंडल रोकने का आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि नोएडा में एक महिला की गोली लगने से मौत हुई है। सपा प्रतिनिधिमंडल को पीड़ितों से मिलने से रोका गया। उन्होंने इसे “सच्चाई छुपाने की कोशिश” बताया।
महिला आरक्षण बिल में छुपे एजेंडे का विरोध
उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी पार्टी का विरोध बिल के तरीके और मंशा को लेकर था, न कि महिला आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने कहा,“जिस तरह भाजपा उस बिल में दूसरी चीजें छुपाकर ला रही थी, उसका विरोध था। अगर जनगणना पूरी होने के बाद इसे लाया जाता, तो शायद सभी पक्ष में होते।”
“महिला आरक्षण या सत्ता का एजेंडा?” डिंपल यादव का सवाल
मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। डिंपल यादव ने मांग की कि पहले जनगणना कराई जाए, फिर परिसीमन और उसके बाद आरक्षण लागू किया जाए।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जल्दबाजी में संविधान संशोधन कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार, महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और जातीय जनगणना की जरूरत पर जोर दिया।
