दिल्ली : AI Impact Summit में भारत की तकनीकी ताकत और भविष्य की झलक साफ देखने को मिली। इस वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एआई नवाचार और निवेश का अगला बड़ा केंद्र बताते हुए दुनिया भर के टेक दिग्गजों को भारत में निवेश का न्योता दिया। समिट में सरकार, उद्योग और स्टार्टअप्स तीनों की साझा सोच सामने आई कि आने वाला दशक एआई के नाम होगा और भारत इसमें नेतृत्व की भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि समाधान देने वाला देश बन चुका है। भारत के एआई मॉडल्स, स्टार्टअप्स और युवा प्रतिभा अब वैश्विक जरूरतों के अनुसार समाधान तैयार कर रहे हैं।
हेल्थकेयर, शिक्षा और रिसर्च में क्रांति लाएगा एआई: सुनील मित्तल
भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत से हेल्थकेयर, शिक्षा, डीप रिसर्च और मेडिकल साइंसेज जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व तेजी आएगी। उन्होंने बताया कि एआई अब सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि कंपनियों के ऑपरेशन का अहम हिस्सा बन चुका है। नेटवर्क प्लानिंग, नेटवर्क मैनेजमेंट और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में एआई बड़ी भूमिका निभा रहा है। मित्तल ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में एआई के सहारे उद्योग नए स्तर पर पहुंचेंगे और काम करने के तरीकों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुकेश अंबानी का बड़ा एलान: सस्ता एआई और 10 लाख करोड़ का निवेश
समिट में सबसे बड़ा ऐलान रिलायंस समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने किया। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर अभी आना बाकी है। दुनिया इस वक्त दोराहे पर खड़ी है एक तरफ महंगा और सीमित एआई, दूसरी तरफ सस्ता और सबके लिए सुलभ एआई। अंबानी ने कहा कि जिस तरह उनके समूह ने मोबाइल डेटा को सस्ता बनाकर डिजिटल क्रांति लाई, उसी तरह अब एआई को भी किफायती बनाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और जियो मिलकर अगले 7 वर्षों में एआई और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। यह निवेश भारत को एआई की वैश्विक दौड़ में अग्रणी बनाएगा।
पीएम मोदी का विज़न: भारत में सफल एआई मॉडल दुनिया में सफल
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि इस समिट में भारतीय कंपनियों द्वारा लॉन्च किए गए एआई मॉडल्स और एप्स देश की युवा प्रतिभा का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर, चिप मैन्युफैक्चरिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक मजबूत और सुरक्षित इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। पीएम ने कहा कि भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी और डेमोक्रेसी—तीनों की ताकत है। भारत में जो एआई मॉडल सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने टेक कंपनियों से अपील की “Design and Develop in India, Deliver to the World, Deliver to Humanity।”
डीपफेक का खतरा और MANAV Vision: एआई में नैतिकता पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डीपफेक और फर्जी कंटेंट खुले समाज के लिए खतरा बन सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने एआई के लिए MANAV Vision साझा किया, जिसमें नैतिकता, पारदर्शिता, जवाबदेही और राष्ट्रीय संप्रभुता पर जोर दिया गया। पीएम ने कहा कि एआई का लोकतंत्रीकरण जरूरी है ताकि इंसान सिर्फ डेटा पॉइंट न बन जाए। खासकर ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एआई को सशक्तिकरण और समावेशन का माध्यम बनाना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि एआई को एक वैश्विक साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया जाए।
