बरेली/लखनऊ : बरेली समेत देशभर में रमजान का चांद नजर आने के बाद पहले रोज़े का ऐलान कर दिया गया। चांद दिखने की पुष्टि के साथ ही मस्जिदों में पहली तरावीह की नमाज़ अदा की गई और शहर की मस्जिदें नमाजियों से गुलजार रहीं। मरकज़ी चांद कमेटी फरंगी महली के सदर व लखनऊ ईदगाह के शाही इमाम मौलाना खालिद रशीद फ़रंगी महली ने मगरिब की नमाज के बाद चांद दिखने की आधिकारिक पुष्टि की थी। इसके साथ ही बरेली में दरगाह आला हजरत की रुयाते हिलाल कमेटी ने भी शहादत मिलने के बाद रमजान के चांद का ऐलान किया।
दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन ने दी मुबारकबाद

आला हजरत दरगाह के प्रमुख सुब्हान रज़ा खां (सुब्हानी मियां) और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी (अहसन मियां) ने देशवासियों को रमजान की मुबारकबाद दी। अहसन मियां ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए रोज़े की अहमियत पर जोर दिया और कहा कि सेहरी का एहतिमाम किया जाए तथा पूरे महीने इबादत के जरिए अल्लाह की रज़ा हासिल की जाए। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत देश भर के तमाम प्रमुख लोगों ने रमजान महीने की मुबारकबाद दी।
चांद देखने का विशेष इंतजाम

दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि आला हजरत दरगाह परिसर में चांद देखने का विशेष इंतजाम किया गया था। चांद के ऐलान के बाद दरगाहों, खानकाहों और शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में तरावीह का सिलसिला शुरू हो गया। रमजान का महीना इबादत, रोज़ा, तरावीह और जरूरतमंदों की मदद का प्रतीक माना जाता है। एक महीने बाद ईद का त्योहार मनाया जाएगा।
यह थे मौजूद
इस दौरान मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती ज़ईम रज़ाशाहिद नूरी,परवेज़ नूरी, अजमल नूरी,औररंगज़ेब नूरी,ताहिर अल्वी,हाजी जावेद खान,मंज़ूर रज़ा,शान रज़ा,अबरार उल हक़,अब्दुल माजिद, आलेनबी, जोहिब रज़ा, साजिद रज़ा,सुहैल रज़ा, इशरत नूरी,सय्यद माजिद, अरबाज़ रज़ा,आरिफ नूरी,साकिब रज़ा,शाद रज़ा,अरबाज रज़ा,तारिक सईद,मुजाहिद बेग,काशिफ सुब्हानी, अशमीर रज़ा आदि लोग मौजूद थे।
