नई दिल्ली : ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर पड़ा है। खाड़ी देशों के ऊपर से गुजरने वाला हवाई रास्ता (एयरस्पेस) बंद होने के कारण रविवार को भारत के दो सबसे बड़े एयरपोर्ट दिल्ली और मुंबई से करीब 225 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। इससे हजारों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुईं और एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूत्रों के मुताबिक, रद्द की गई कुल 225 उड़ानों में से लगभग 125 उड़ानें मुंबई एयरपोर्ट से जुड़ी थीं, जबकि कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें दिल्ली एयरपोर्ट पर रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 60 उड़ानों की रवानगी (डिपार्चर) और 40 उड़ानों के आगमन (अराइवल) को रद्द किया गया। अचानक हुए इन रद्दीकरणों से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा, कई यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतज़ार करना पड़ा, जबकि कुछ को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL), जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन करती है, ने सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों को जानकारी दी। DIAL ने कहा कि मिडिल ईस्ट में तेजी से बदलते राजनीतिक हालात के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के समय में बदलाव, देरी या रद्दीकरण हो सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि जरूर करें।
मुंबई एयरपोर्ट पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही। रविवार दोपहर 2:30 बजे तक कुल 125 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की जा चुकी थीं, जिनमें 67 उड़ानें प्रस्थान करने वाली और 58 उड़ानें आगमन वाली थीं। बढ़ते दबाव और सीमित संसाधनों को देखते हुए मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने एक विशेष नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया। यह नोटिस शनिवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक के लिए लागू किया गया, जिसके तहत किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को डायवर्ट होकर मुंबई आने की अनुमति नहीं दी गई।
एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, यह फैसला पार्किंग स्लॉट की भारी कमी को देखते हुए लिया गया। पहले से ही कई अंतरराष्ट्रीय विमान मुंबई एयरपोर्ट पर खड़े थे, जिससे नए विमानों को जगह देना संभव नहीं था। नतीजतन, कई उड़ानों को अपने मूल शहर वापस लौटना पड़ा या फिर पास के अन्य एयरपोर्ट्स पर लैंड कराया गया।
इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अनुमान जताया था कि मौजूदा हालात के चलते रविवार को भारतीय एयरलाइंस की लगभग 444 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो सकती हैं। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और सरकार, एयरपोर्ट प्रशासन व एयरलाइंस मिलकर स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
