कन्नौज : यूपी की राजनीति में शिक्षा एक बार फिर से बड़ा मुद्दा बन गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कन्नौज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “अगर स्कूल बंद किए जाते हैं, तो समाजवादी पार्टी गांव-गांव जाकर बच्चों को पढ़ाएगी। और 2027 में जब समाजवादी सरकार बनेगी, तो हर बंद स्कूल को फिर से खोला जाएगा।”
गरीब, और उनके बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
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यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब प्रदेश के कई इलाकों में सरकारी स्कूलों को संसाधनों की कमी और प्रशासनिक फैसलों के कारण या तो बंद किया गया है या उनका विलय कर दिया गया है। इससे गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अखिलेश यादव का यह बयान न सिर्फ एक राजनीतिक वादा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार (Right to Education) को जमीनी स्तर पर लागू करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बच्चों को निशुल्क पढ़ाएंगे
उन्होंने कहा कि समाजवादी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर “स्कूल जैसा माहौल” तैयार करेंगे और बच्चों को निःशुल्क पढ़ाएंगे ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि भाजपा की नीतियां गरीब विरोधी हैं और शिक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी राजनीति की भेंट चढ़ा दिया गया है। उनका यह बयान न केवल भाजपा के फैसलों की आलोचना है, बल्कि एक सक्रिय वैकल्पिक मॉडल का प्रस्ताव भी है।
