बरेली : यूपी के बरेली के नौमहला शरीफ़ स्थित दरगाह नासिर मियाँ परिसर में शुक्रवार (जुमें) को एक अहम मीटिंग के साथ 757वें उर्स-ए-साबिर पाक की शुरुआत हो गई है। इस साल भी परंपरागत अंदाज़ में साबरी झंडा पैदल काफ़िला बरेली से कलियर शरीफ़ तक रवाना होगा।
बरेली से कलियर तक मुहब्बतों का सफर

10 अगस्त 2025 (रविवार) को दिन 1 बजे, झंडा काफ़िला दरगाह ख़्वाजा नासिर मियाँ साबरी से रवाना होकर नॉवल्टी चौराहा, कोतवाली, बड़ा बाज़ार, किला, फतेहगंज पश्चिमी, रामपुर होकर 13 अगस्त को जीरो प्वाइंट, फिर 14 अगस्त को मुरादाबाद, नाठोर, नजीबाबाद, हरिद्वार, ज्वालापुर के रास्ते से 23 अगस्त को कलियर शरीफ़ पहुंचेगा। झंडा कुशाई की रस्म 24 अगस्त को दरगाह साबिर पाक में सज्जादानशीन हज़रत शाह अली एजाज़ कुद्दुसी साबरी अलीशाह मियाँ के दस्ता मुबारक से अदा की जाएगी।
चांद देखकर तय होगी उर्स की तारीख
उर्स का परचम कुशाई और डोरी मेहंदी की रस्म (चाँद रात) 24 अगस्त, 4 सितम्बर, 11 रबीउल अव्वल को छोटी रौशनी, 5 सितम्बर, 12 रबीउल अव्वल बड़ी रौशनी, 6 सितम्बर, 13 रबीउल अव्वल कुल शरीफ़,7 सितम्बर 14 रबीउल अव्वल, गुस्ल शरीफ (मज़ारे अक़दस),10 सितम्बर 17 रबीउल अव्वल, सरकारे साबिरे पाक के वालिद का कुल शरीफ होगा।
मेहमान-ए-ख़ास और सूफी रहनुमा
इस साल के झंडे शरीफ में मेहमान-ए-ख़ास के रूप में प्रमुख उलमा शामिल होंगे। दरगाह साबिर पाक के सज्जादानशीन हज़रत शाह अली एजाज़ कुद्दुसी साबरी दरगाह पानीपत के सज्जादानशीन हाफ़िज़ मेराज हुसैन साबरी, हज़रत यावर एजाज कुद्दुसी साबरी (कलियर शरीफ), दरगाह नासिर मियाँ के सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा सुल्तान अहमद साबरी नासरी,
ख़्वाजा सलमान अहमद, ख़्वाजा शयान अहमद, ख़्वाजा वसीम अहमद नासरी आदि।
अकीदतमंदों का इस्तकबाल और इंतज़ाम
समाजसेवी पम्मी खाँ वारसी ने कहा कि साबरी काफ़िले के रास्तों पर फूलों से इस्तकबाल और लंगर -ए-आम की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। बरेली से हर साल उठने वाला ये झंडा, सिर्फ़ एक परचम नहीं, मोहब्बत, वफादारी और सूफियाना रवायतों का झंडाबरदार है। उन्होंने कहा कि अकीदतमंद साबरी झंडा काफ़िले के साथ कलियर शरीफ़ जाना चाहते हैं,वे 5 अगस्त 2025 तक अपना आवेदन दरगाह ऑफिस में जमा करें।
