सपा प्रमुख बोले -धर्म के पैसे की चोरी महापाप, जनता देगी जवाब,शिक्षा की बदहाली जनता नहीं भूलेगी
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भाजपा सरकार पर एक साथ कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला।अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद, शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों के विलय और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों को लेकर उन्होंने सरकार को घेरते हुए दावा किया कि भाजपा जिस “अवध एक्सप्रेस” से सत्ता में आई थी।उसकी वापसी अब “अयोध्या एक्सप्रेस” से तय है। उन्होंने कहा कि जनता धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों को कभी माफ नहीं करेगी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली के लिए भी भाजपा सरकार जिम्मेदार है।
22 हजार स्कूल बंद, धर्म के नाम पर महापाप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर प्रतीकात्मक रूप से ‘दानपात्र’ के साथ प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि इस प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं में असहजता दिखाई दी। उन्होंने कहा कि जनता का मानना है कि अन्य गलतियां माफ हो सकती हैं, लेकिन धार्मिक आस्था और दान के धन से जुड़ा मामला गंभीर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा विवाद जनता के बीच बड़ा मुद्दा बन चुका है और इसका राजनीतिक जवाब जनता देगी।
‘जो भगवान के नहीं हुए, वो जनता के क्या होंगे’
सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग सवाल कर रहे हैं कि जो लोग भगवान के नहीं हुए, वे जनता के क्या होंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को इस मुद्दे पर जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि 22 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों को विलय और अन्य कारणों के नाम पर बंद कर दिया गया, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि कई सरकारी स्कूलों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई भवन जर्जर हैं, कहीं बिजली और पंखे नहीं हैं तो कहीं बारिश में छतें टपक रही हैं। उनके अनुसार, सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा और रोजगार नहीं हैं, जिसका खामियाजा छात्र और युवा भुगत रहे हैं।
विश्वविद्यालयों को लेकर कही ये बात
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर कर रही है। उन्होंने विशेष रूप से रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि शिक्षा संस्थानों को कमजोर करने वाली सोच समाज और देश के हित में नहीं होती।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
