देश-विदेश से पहुंचे जायरीन ने की चादरपोशी और गुलपोशी, उलेमा की तकरीरी महफिल में बुजुर्गों की तालीमात और अमन-भाईचारे का दिया संदेश
बरेली : हजरत शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर के तीसरे सालाना एवं पारंपरिक उर्स-ए-सकलैनी के चौथे दिन खानकाह-ए-आलिया सकलैनिया शरीफ में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ी। आयोजकों के मुताबिक देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी जायरीन बरेली पहुंचे। जायरीन ने मजार-ए-पाक पर चादरपोशी और गुलपोशी कर मुल्क में अमन, खुशहाली, भाईचारे और परिवार की सलामती के लिए दुआ की। उर्स के चौथे दिन की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरआनख्वानी से हुई। इसके बाद खानकाह शरीफ पर फातिहाख्वानी और जायरीन के लिए लंगर का सिलसिला जारी रहा।सज्जादानशीन हजरत शाह मोहम्मद गाजी मियां हुजूर से मुलाकात और बैअत के लिए भी अकीदतमंदों की भीड़ रही।
उलेमा की तकरीरी महफिल में
समाज सुधार और भाईचारे का संदेश
उर्स के चौथे दिन दरगाह परिसर के दीवानखाना में खुसूसी उलेमा-ए-किराम की तकरीरी महफिल आयोजित हुई। महफिल में उलेमा ने साहिब-ए-उर्स हजरत शाह मोहम्मद सकलैन मियां हुजूर की जिंदगी,खिदमते-खल्क, समाज सेवा और उनकी तालीमात पर रोशनी डाली। उलेमा ने इंसानियत, मोहब्बत, भाईचारे, अमन, अखलाक और खिदमते-खल्क को उनकी तालीमात का अहम हिस्सा बताया। अकीदतमंदों से समाज में मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम फैलाने की अपील की गई। महफिल के दौरान रूहानी कलाम भी पेश किए गए।
उर्स में पहुंचे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि
उर्स के मौके पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने भी दरगाह शरीफ पहुंचकर चादरपोशी और गुलपोशी की। सपा, बसपा और कांग्रेस समेत तमाम सियासी पार्टियों की तरफ से चादरपोशी की गई। सभी ने चादरपोशी कर दुआ की और सज्जादानशीन हजरत शाह मोहम्मद गाजी मियां हुजूर से मुलाकात की। इस दौरान शहर और मुल्क में अमन-ओ-अमान, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की गई।
जायरीन के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल
उर्स में बड़ी संख्या में आने वाले जायरीन के वाहनों के लिए आयोजकों की ओर से अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बिशप मंडल इंटर कॉलेज ग्राउंड, सिविल लाइंस, गवर्नमेंट इंटर कॉलेज ग्राउंड और केडीएम इंटर कॉलेज ग्राउंड, कोहाड़ापीर में वाहनों को पार्क कराया जा रहा है। आयोजन समिति और वालेंटियर्स की ओर से भीड़ प्रबंधन, लंगर, साफ-सफाई, पानी और अन्य व्यवस्थाओं पर निगरानी रखे जाने की जानकारी दी गई है।
17 सितंबर को कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन
आयोजकों के अनुसार 17 सितंबर 2026 को उर्स के पांचवें और आखिरी दिन सुबह 11 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी। इसके साथ ही तीसरे सालाना उर्स-ए-सकलैनी का समापन होगा।
