लोकसभा परिसर में विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन, राहुल गांधी समेत कई सांसदों ने प्रतीकात्मक दानपात्र में चढ़ावा डाला, भगवा पोशाक पर लोकसभा सचिवालय ने जताई आपत्ति, पप्पू यादव ने दी सफाई
नई दिल्ली : संसद के मॉनसून सत्र में शुक्रवार को भी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराव देखने को मिली। लोकसभा परिसर में विपक्षी सांसदों ने सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बिहार के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में नजर आए, जबकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र में चढ़ावा डाला। इस प्रदर्शन को लेकर संसद परिसर में काफी चर्चा रही। वहीं, लोकसभा सचिवालय ने सांसद के भगवा वेश पर आपत्ति जताई, जिस पर पप्पू यादव ने अपनी सफाई भी दी। दूसरी ओर, विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के बीच सरकार ने संसद में तीन विधेयकों को पारित करा लिया।
चढ़ावा विवाद पर विपक्ष का सांकेतिक प्रदर्शन
लोकसभा परिसर में विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान दानपात्र रखकर प्रतीकात्मक रूप से चढ़ावा चढ़ाया गया। विपक्ष का आरोप था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रदर्शन में राहुल गांधी, पप्पू यादव समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए।
भगवा वेश पर सचिवालय की आपत्ति, पप्पू यादव का जवाब
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के रूप में पहुंचे। इस पर लोकसभा सचिवालय ने संसदीय मर्यादा और निर्धारित ड्रेस को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद पप्पू यादव ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना आहत करना नहीं, बल्कि सांकेतिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना था।
हंगामे के बीच तीन विधेयक हुए पारित
मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच सरकार ने लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करा लिया। सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, लेकिन सरकार ने अपना विधायी एजेंडा आगे बढ़ाते हुए आवश्यक विधेयकों को मंजूरी दिला दी।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
चढ़ावा विवाद और संसद में हुए प्रदर्शन के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष इसे जवाबदेही और पारदर्शिता का मुद्दा बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष प्रदर्शन को राजनीतिक नाटक करार दे रहा है। संसद का मॉनसून सत्र लगातार हंगामे और तीखी राजनीतिक बयानबाजी के बीच आगे बढ़ रहा है।
