बरेली : पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) के इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत कासगंज जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान रेल कर्मचारियों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का सराहनीय उदाहरण देखने को मिला। वाणिज्य विभाग के दो कर्मचारियों ने समय रहते कार्रवाई कर ट्रेन में अपने परिजनों से बिछड़ गईं दो नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित खोज निकाला और उन्हें सकुशल उनके परिवार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। ट्रेन संख्या 09119 में यात्रा कर रही दो छोटी बच्चियां किसी कारणवश अपने परिजनों से अलग होकर ट्रेन में ही रह गई थीं। इस घटना की सूचना जैसे ही मंडल नियंत्रण कक्ष को मिली, तत्काल कासगंज जंक्शन पर ड्यूटी कर रहे उप मुख्य टिकट निरीक्षक राजेंद्र मीणा और उप मुख्य टिकट निरीक्षक मोहित कुमार को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारियों ने बिना समय गंवाए ट्रेन के विभिन्न कोचों में बच्चियों की तलाश शुरू कर दी। काफी खोजबीन के बाद दोनों बच्चियां ट्रेन के एक सामान्य कोच में सुरक्षित अवस्था में मिल गईं।
आरपीएफ पोस्ट को सौंपा
इसके बाद कर्मचारियों ने बच्चियों को अपने संरक्षण में लिया और पूरी जिम्मेदारी के साथ उन्हें रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) पोस्ट, कासगंज के सुपुर्द कर दिया।आरपीएफ द्वारा बच्चियों और उनके परिजनों का आवश्यक सत्यापन करने तथा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों मासूमों को सुरक्षित रूप से उनके परिवार के हवाले कर दिया गया। बच्चियों के सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की सांस ली और रेल कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
हर कहीं तारीफ
इस पूरी घटना ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे कर्मचारी केवल यात्री सुविधाओं तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि आपात परिस्थितियों में मानवीय दायित्व निभाने में भी पीछे नहीं रहते। राजेंद्र मीणा और मोहित कुमार की त्वरित कार्रवाई, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की रेल प्रशासन ने भी खुलकर प्रशंसा की है। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों के उत्कृष्ट कार्य को यात्रियों की सुरक्षा और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए उनकी सराहना की है।
