शाहजहांपुर में शहीद प्रतिमा विवाद पर भी घेरा, बोले-शहीदों के सम्मान से बड़ा कोई सौंदर्य नहीं, लेकिन मुखबिरी करने वाले क्या जानें
लखनऊ : अखिलेश यादव ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में तीखा बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में भाजपा और संघ पर निशाना साधते हुए कई मुद्दों पर एक साथ हमला बोला।जिसमें महंगाई, सिलेंडर, संघ की भूमिका, शहीदों का सम्मान और आगामी चुनावी रणनीति शामिल रही।
BJP पर सीधा हमला: “लाल टोपी और सिलेंडर से डर
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि“भारतीय जनता पार्टी के लोग लाल टोपी से घबराते हैं और लाल सिलेंडर से भी।”उन्होंने यह बयान देते हुए महंगाई और राजनीतिक प्रतीकों के जरिए भाजपा पर तंज कसा।
“संघ का सरकार में दखल”
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लेकर भी उन्होंने बड़ा आरोप लगाया। उनका कहना था कि “अगर हम ‘संघी साथी’ कहते हैं तो सब समझ जाते हैं कि हम किसकी बात कर रहे हैं, क्योंकि सरकार चलाने में सबसे ज्यादा हस्तक्षेप उन्हीं का है।”
सिलेंडर और महंगाई पर कटाक्ष

महंगाई को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा “आपने बोरी में चोरी की, 14 किलो के सिलेंडर को 10 किलो का कर दिया, कहीं ऐसा न हो कि रोटी का साइज भी छोटा कर लो।”उन्होंने ‘विश्व गुरु’ के दावे पर भी सवाल उठाए और इसे जनता की समस्याओं से जोड़कर देखा।
शंकराचार्य मुद्दे पर बयान
धार्मिक सम्मान के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। “पूजनीय शंकराचार्य जी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए था… जिनका सम्मान करना चाहिए, उन्हें सम्मन भेजा जा रहा है।”इस बयान के जरिए उन्होंने खुद को ‘सनातनी परंपरा’ के पक्ष में खड़ा बताया।
चुनावी हुंकार-UP से BJP का सफाया
आगामी चुनावों को लेकर अखिलेश यादव ने दावा किया कि “PDA के लोग तैयार हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से भाजपा का सफाया होने जा रहा है।”उन्होंने यह भी कहा कि टिकट वितरण जीतने की क्षमता और सामाजिक समीकरण के आधार पर होगा।
कानून-व्यवस्था पर सवाल

राज्य में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि “उत्तर प्रदेश में गांजा बहुत पकड़ा जा रहा है, सवाल ये है कि यह जा कहां रहा था?”इस बयान के जरिए उन्होंने कानून -व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल खड़े किए।
शहीदों के सम्मान पर तीखी प्रतिक्रिया
शाहजहांपुर में शहीदों की प्रतिमा पर बुलडोज़र चलाने के आरोपों को लेकर अखिलेश यादव ने कड़ी नाराजगी जताई। शाहजहांपुर के इस मामले पर उन्होंने कहा “सौंदर्य कभी भी शहीदों के मान-सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि“जो अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे, वे शहादत का मोल क्या जानेंगे।”
रेजांगला का जिक्र
उन्होंने रेजांगला की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा“120 बहादुर आखिरी गोली तक लड़े थे… सेना को जमीन बचाने की ट्रेनिंग मिली है।” इस बयान के जरिए उन्होंने देशभक्ति और सैन्य परंपरा को भी अपने भाषण में जोड़ा।
