कोलकाता/दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और मौजूदा दौर में एक प्रेरणास्रोत बने सौरव गांगुली आज 52 वर्ष के हो गए। उनका नाम क्रिकेट इतिहास में केवल एक बल्लेबाज़ के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे कप्तान के रूप में नाम दर्ज है। जिसने टीम इंडिया की सोच, जोश और आत्मविश्वास को नया आयाम दिया। आज जब वह मैदान से बाहर हैं, तब भी उनकी फिटनेस, तेज सोच और पॉजिटिव एटीट्यूड उन्हें युवाओं का आइडल बनाए हुए है।
क्रिकेट में ‘दादा’ की विरासत, मैदान पर जोश, ड्रेसिंग रूम में जोश -ए-कमांड
सौरव गांगुली को 2000 के दशक की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट का नेतृत्व सौंपा गया, जब टीम संकट में थी। उन्होंने न सिर्फ नई प्रतिभाओं जैसे युवराज सिंह, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और एम.एस. धोनी को मौका दिया, बल्कि टीम को विदेशों में भी लड़ने का माद्दा सिखाया। 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी जीत और लॉर्ड्स की बालकनी में उनकी जर्सी लहराने वाली तस्वीर आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे जुनूनी पलों में गिनी जाती है।
फिटनेस से फॉर्म तक: मैदान से माइंड तक ‘दादा’ का डोमिनेशन
52 साल की उम्र में भी गांगुली जिस तरह से खुद को फिट रखते हैं, वो क्रिकेट फैंस के लिए एक बड़ा संदेश है।”कभी भी खेल से दिल मत हटाओ,भले ही बल्ला हाथ में न हो!”वह आज भी क्रिकेट इवेंट्स, एक्सपर्ट पैनल और युवा क्रिकेटरों के मेंटर के रूप में सक्रिय हैं। हाल ही में एक घरेलू टी20 लीग में वह प्रैक्टिस करते दिखे,और कहा जा रहा है कि अगर वो अभी भी मैदान पर उतरें, तो कई युवा खिलाड़ी उनसे मुकाबला नहीं कर पाएंगे।
BCCI अध्यक्ष रहते हुए भी दिखाया साहस
क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने BCCI अध्यक्ष के रूप में कई बड़े फैसले लिए IPL को व्यवस्थित करना, घरेलू क्रिकेट को मज़बूत करना और महिला क्रिकेट को बढ़ावा देना। ये सब उनके नेतृत्व की नई मिसालें बनीं।
दादा के जन्मदिन पर फैंस बोले, “फिटनेस में भी बेस्ट कप्तान!”
सोशल मीडिया पर गांगुली के जन्मदिन पर बधाई देने वालों की बाढ़ आ गई है। ट्विटर पर #HappyBirthdayDada ट्रेंड कर रहा है। फैंस उन्हें “India’s Most Fearless Captain”, “Fitness Icon”, और “Evergreen Dada” जैसे टाइटल्स दे रहे हैं।
डाइट डिसिप्लिन, Low-Carb, High-Protein फॉर्मूला
सौरव गांगुली फिटनेस के लिए सबसे पहले डाइट कंट्रोल पर ध्यान देते हैं। वह High Protein और Low Carb डाइट फॉलो करते हैं। उनकी थाली में अक्सर मटन, फिश फ्राई, दाल, पोस्ता और कभी-कभार पुलाव भी शामिल रहता है। वह खाने में स्वाद के साथ संतुलन भी बनाए रखते हैं,यही उनकी बॉडी का बैलेंस बनाए रखने का मंत्र है।
हाइड्रेशन है हेल्थ का हीरो
गांगुली कहते हैं कि हाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की मात्रा सही रहना सबसे ज़रूरी है। वे दिन भर भरपूर पानी पीते हैं और लिक्विड डाइट को महत्व देते हैं। इससे न केवल शरीर डिटॉक्स होता है, बल्कि त्वचा और मानसिक ऊर्जा भी बेहतर बनी रहती है।
सुबह 7 बजे उठते हैं ‘दादा’, फिर करते हैं एक्सरसाइज
फिटनेस की असली रीढ़ उनकी सुबह की एक्सरसाइज रूटीन है। वह रोजाना सुबह 7 बजे उठकर वर्कआउट करते हैं। उनका मानना है कि सुबह का समय शरीर और दिमाग को एक्टिव करने का बेस्ट टाइम होता है। रेगुलर कार्डियो, स्ट्रेचिंग और लाइट वेट ट्रेनिंग उन्हें न सिर्फ फिट बल्कि युवा भी बनाए रखती है।
52 पर भी फिटनेस में युवाओं को टक्कर
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद गांगुली ने न केवल BCCI अध्यक्ष के तौर पर देश को सेवा दी, बल्कि अपनी पर्सनल फिटनेस पर भी फोकस बनाए रखा। वे आज भी किसी भी पब्लिक इवेंट या स्टेडियम विज़िट पर उतने ही एक्टिव नजर आते हैं जितने एक प्रोफेशनल एथलीट।
