नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विनजो गेम्स एप के मामले में बड़ा खुलासा किया है। इस गेम में शामिल लोग यह समझते रहे कि वे इंसानों के साथ खेल रहे हैं, जबकि असल में वे सॉफ्टवेयर/एल्गोरिदम के साथ खेल रहे थे। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान हुआ और उनके केवाईसी दस्तावेज़ों का दुरुपयोग भी किया गया।
ईडी ने बताया कि आरोपियों ने लगभग 505 करोड़ रुपये की अपराध आय जमा कर ली, जिसे विदेशी निवेश के बहाने अमेरिका और सिंगापुर भेज दिया गया। तलाशी अभियान 18 से 22 नवंबर 2025 तक दिल्ली और गुड़गांव में चलाया गया, जिसमें विनजो गेम्स प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालयों में जांच की गई।
तलाशी के दौरान, पीएमएलए, 2002 की धारा 17(1ए) के तहत 505 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति (बैंक बैलेंस, बॉन्ड, एफडीआर और म्यूचुअल फंड) फ्रीज कर दी गई। ईडी ने कंपनी और संबंधित अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, खातों को ब्लॉक करना, पैन दुरुपयोग और अन्य अपराधों का मामला दर्ज किया।
ईडी ने कहा कि विनजो गेम्स ने भारतीय खिलाड़ियों के पैसे का दुरुपयोग करते हुए रियल मनी गेम्स (RMG) की विदेशी गतिविधियों को भी अंजाम दिया। भारत में आरएमजी पर 22 अगस्त 2025 से प्रतिबंध होने के बावजूद, कंपनी के पास अभी भी 43 करोड़ रुपये की राशि खेलों में लगी हुई है, जो खिलाड़ियों को वापस नहीं की गई।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी ने खेलों में एल्गोरिदम/सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर खिलाड़ियों को इंसानों के बजाय मशीन के खिलाफ खेलवाया। खिलाड़ियों को इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई। साथ ही, वॉलेट में रखे गए धन की निकासी भी रोक दी गई या सीमित कर दी गई।
ईडी ने कहा कि कंपनी ने विदेशी निवेश की आड़ में भारत से संचालित खेलों की कमाई अमेरिका और सिंगापुर भेज दी। 55 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 490 करोड़ रुपये) अमेरिका में ‘विंजो यूएस इंक’ नामक मुखौटा कंपनी के बैंक खाते में जमा किए गए।
ईडी की कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि मेसर्स विनजो प्राइवेट लिमिटेड आपराधिक गतिविधियों और धोखाधड़ी में लिप्त थी, और इसके माध्यम से ग्राहकों का विश्वास और पैसा दोनों ही ठगी गए।
