पीलीभीत : ग्राम टंडोला में स्थित एक प्राचीन बरगद के पेड़ और उसके नीचे बनी मजार को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बहुसंख्यक समाज के कुछ लोगों ने वहां पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन शुरू करने की मांग उठाई। वहीं मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि बरगद और मजार उनकी निजी जमीन पर स्थित हैं और यहां पहले कभी पूजा-अर्चना नहीं हुई। मामले को लेकर गांव में तनाव का माहौल बन गया।
प्रशासन ने कराई पैमाइश, भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति को देखते हुए एसडीएम और सीओ सदर भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जमीन की पैमाइश करवाई, जिसमें मजार और बरगद का स्थान अहमद नूर की निजी जमीन पर पाया गया, जबकि उसके बराबर में ग्राम समाज की जमीन निकली। इसके बाद राष्ट्रीय हनुमान दल के पदाधिकारियों ने ग्राम समाज की जमीन पर पूजा करने की मांग रखी। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए नई परंपरा शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
गांव में पुलिस निगरानी, अधिकारी बोले- शांति बनाए रखें
गांव के लोगों का कहना है कि करीब 20 साल पहले यहां भजन-कीर्तन होता था, जबकि दूसरे पक्ष का दावा है कि यहां सभी धर्मों के लोग आते थे लेकिन पूजा-अर्चना कभी नहीं हुई। कुछ स्थानीय लोगों ने बाहरी संगठनों पर गांव का माहौल खराब करने का आरोप भी लगाया। फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
रिपोर्ट : ऋतिक द्विवेदी
