नई दिल्ली : केंद्रीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में 5% की कटौती करने का आदेश जारी किया है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन प्रतिदिन लगभग 2,200 उड़ानें संचालित करती है, जिनमें से अब लगभग 110 उड़ानें रोज कम की जाएंगी। एयरलाइन को अपने संशोधित शेड्यूल की सूची 10 दिसंबर तक डीजीसीए को सौंपने को कहा गया है।
डीजीसीए के अनुसार, विंटर शेड्यूल 2025 के तहत नवंबर महीने में इंडिगो को प्रति सप्ताह 15,014 प्रस्थान और कुल 64,346 उड़ानों की मंजूरी दी गई थी। लेकिन वास्तविक संचालन आंकड़ों से पता चला कि एयरलाइन केवल 59,438 उड़ानें ही संचालित कर पाई। नवंबर महीने में कुल 951 उड़ानें रद्द की गईं नोटिस में यह भी कहा गया कि इंडिगो को समर शेड्यूल 2025 की तुलना में विंटर शेड्यूल में 6% वृद्धि की अनुमति दी गई थी, जिसके तहत एयरलाइन को 403 विमानों के उपयोग की मंजूरी दी गई थी। लेकिन इंडिगो ने केवल अक्टूबर में 339 और नवंबर में 344 विमान ही संचालित किए। डीजीसीए ने स्पष्ट किया कि भले ही एयरलाइन ने पिछले साल की सर्दियों की तुलना में प्रस्थान में 9.66% और गर्मियों के शेड्यूल के मुकाबले 6.05% वृद्धि की, लेकिन शेड्यूल का कुशल संचालन नहीं कर पाई।
डीजीसीए ने अपने आदेश में विशेष निर्देश दिए हैं। इसके तहत एयरलाइन को अपने शेड्यूल में 5% तक की कटौती करने की आवश्यकता है। यह कटौती विशेष रूप से उन उड़ानों में की जाएगी, जहां अधिक मांग या अधिक फेरों की समस्या है। वहीं, डीजीसीए ने एयरलाइन को किसी रूट पर जारी एकल उड़ानों को बंद करने से बचने का निर्देश भी दिया है।
अधिकारियों के अनुसार, इंडिगो को यह सूची तैयार कर डीजीसीए को सौंपनी होगी ताकि यात्री और परिचालन प्रभावित न हों। एयरलाइन से कहा गया है कि वह शेड्यूल कटौती को संतुलित ढंग से लागू करे, ताकि यात्री सेवा और रूट कवरेज पर कोई असर न पड़े। इंडिगो एयरलाइन का कहना है कि वह डीजीसीए के निर्देश का पालन करेगी और यात्री सेवा सुनिश्चित करने के लिए अपने शेड्यूल में समुचित बदलाव करेगी। इस आदेश का प्रभाव यात्रियों पर अगले कुछ हफ्तों में दिखाई देगा, विशेष रूप से उन रूट्स पर जहां ज्यादा फेरों वाली उड़ानें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम एयरलाइन के परिचालन दक्षता सुधार और समय पर उड़ान संचालन सुनिश्चित करने की दिशा में लिया गया है।
