भीकम छपरा गांव में घर के सामने स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर विवाद, घायल रामेश्वर तिवारी को अस्पताल ले गए परिजन; डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के लार क्षेत्र स्थित भीकम छपरा गांव में गुरुवार शाम आरएसएस कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि वह अपने घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवा रहे थे, जिसका पड़ोसी विरोध कर रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मारपीट में रामेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने रामेश्वर की पत्नी अमृता की तहरीर के आधार पर छह नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया गया कि गुरुवार को रामेश्वर तिवारी अपने दरवाजे के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवा रहे थे। पड़ोसियों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि स्पीड ब्रेकर बनने से वाहनों के आवागमन में परेशानी होगी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पड़ोसियों ने रामेश्वर तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
करीब 10 साल से संघ से जुड़े थे रामेश्वर
परिजनों के मुताबिक, रामेश्वर तिवारी करीब 10 साल से आरएसएस से जुड़े हुए थे और नियमित रूप से संघ की शाखा में भाग लेते थे। वह लार खंड के रक्शा मंडल के प्रमुख भी रह चुके थे। वर्तमान में वह लार खंड में सामाजिक समरसता प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। क्षेत्र में उनकी पहचान आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता और समाजसेवी के रूप में बताई गई।
परिजनों ने पहले भी जताई थी हत्या की आशंका
परिजनों का आरोप है कि रामेश्वर तिवारी का पड़ोसियों से रास्ते को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। परिवार के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले भी पुलिस को शिकायत देकर अपनी जान को खतरा बताया था। परिजनों के अनुसार, 19 सितंबर को भी उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी। 20 सितंबर को इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की गई थी। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
पिता और ट्रैक्टर चालक की हत्या का भी जिक्र
परिजनों ने रामेश्वर तिवारी के पिता श्याम नारायण तिवारी की वर्ष 1989 में हुई हत्या का भी जिक्र किया है। परिवार के मुताबिक, वर्ष 2019 में उनके ट्रैक्टर और चालक की भी हत्या की गई थी। परिजन इन दोनों मामलों में भी पड़ोसियों पर आरोप लगाते रहे हैं। इन पुराने मामलों और हालिया विवाद को लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
छह नामजद और 10 अज्ञात पर मुकदमा
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर समेत पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने रामेश्वर की पत्नी अमृता की तहरीर के आधार पर संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत, आदित्य और निखिल समेत छह नामजद लोगों तथा 10 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और नामजद आरोपियों समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
