नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली से इस वक्त वायु गुणवत्ता को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। दिल्ली की हवा में लगातार हो रहे सुधार को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट यानी सीएक्यूएम ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने ग्रैप के स्टेज-4 के तहत लगाए गए सभी प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। हालांकि, स्टेज-1, स्टेज-2 और स्टेज-3 के नियम पहले की तरह लागू रहेंगे और इन्हें सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, बुधवार को सीएक्यूएम की सब-कमेटी की बैठक में दिल्ली की मौजूदा वायु गुणवत्ता और आईएमडी तथा आईआईटीएम के मौसम पूर्वानुमान की समीक्षा की गई। समीक्षा में यह सामने आया कि बीती रात से तेज हवाएं चलने और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली के एयर क्वालिटी इंडेक्स में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इसी के चलते आज दिल्ली का एक्यूआई 271 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
हालांकि, मौसम विभाग और आईआईटीएम का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हवाओं की रफ्तार कम हो सकती है, जिससे एक बार फिर वायु गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका बनी हुई है। इसी कारण एहतियात के तौर पर स्टेज-4 के कड़े प्रतिबंधों को हटाया गया है, लेकिन बाकी सभी नियमों को जारी रखा गया है ताकि हालात दोबारा गंभीर न हों।
विशेषज्ञों के मुताबिक दिल्ली में लगातार खराब वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, तापमान में गिरावट और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते ठंडी हवा नीचे ही फंसी रहती है। इस ठंडी हवा में वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल और अन्य प्रदूषक जमा हो जाते हैं। जब बारिश नहीं होती और हवा की गति धीमी रहती है, तो ये प्रदूषक ऊपर नहीं जा पाते और जमीन के पास ही बने रहते हैं, जिससे प्रदूषण कई गुना बढ़ जाता है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक की बात करें तो 0 से 50 के बीच की स्थिति को अच्छी हवा माना जाता है। 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच जाती है। गंभीर श्रेणी में पहुंचते ही यह स्थिति इंसानी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों के लिए। फिलहाल दिल्ली की हवा में कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर फिर से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
