सपा प्रमुख बोले- SIR के बहाने यूपी में NRC लागू कर रही BJP… AI Summit से लॉन्च होगा Vision India एजेंडा
हैदराबाद/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज हैदराबाद में जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया। एयरपोर्ट से लेकर शहर की सड़कों तक हजारों लोगों का हुजूम उमड़ा- फूलों की बारिश, जिंदाबाद के नारे और रथ पर सवार अखिलेश यादव… माहौल बिल्कुल चुनावी रैली जैसा बना रहा। शनिवार को अखिलेश यादव “विजन इंडिया : AI Summit” में देश का नया टेक्नोलॉजी एजेंडा पेश करने जा रहे हैं। जिसके लिए हैदराबाद को चुना जाना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।
SIR के बहाने यूपी में NRC लागू कर रही BJP

पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मतदाता सूची SIR प्रक्रिया पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपी में 3 करोड़ वोट काटे जा रहे हैं। जहां BJP हारी है, वहां के वोट निशाने पर हैं। यह लोकतंत्र के खिलाफ साजिश है। बोले – आधार, जिसमें रेटिना, फिंगरप्रिंट सब है, उसे ही मान्य नहीं कर रहे… यह SIR नहीं, NRC है। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह जनता को परेशान करके नागरिक अधिकार छीन रही है।
AI Summit से देश को नई दिशा का वादा

हैदराबाद में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि आज भारत में हर सेक्टर- कृषि, मेडिकल, ट्रांसपोर्ट- सबमें AI का असर तेजी से बढ़ रहा है। हैदराबाद टेक्नोलॉजी की राजधानी है। इसलिए यहाँ से न्यू इंडिया का विज़न तय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विजन इंडिया का लक्ष्य राजनीति को विकास-उन्मुख बनाना है- विभाजन से हटकर प्रोग्रेसिव सोच की तरफ।
वंदे मातरम् पर BJP को घेरा
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बेहद तीखी टिप्पणी की। बोले – सदन में वंदे मातरम् वे लोग गाना चाहते थे, जिन्होंने कभी वंदे मातरम् नहीं गाया…जिन्हें तिरंगा पसंद नहीं, एक रंग पसंद है… वही आज राष्ट्रवाद पर भाषण दे रहे हैं। उनका इशारा सीधे संघ और भाजपा की विचारधारा पर था।
KCR और KTR पर बड़ी राजनीतिक घोषणा
तेलंगाना के KCR और उनके बेटे KTR के साथ सम्बन्ध पर अखिलेश ने साफ कहा कि KTR और आदरणीय KCR साहब हमारे साथी हैं। मैं उनके साथ हमेशा रहा हूँ और आगे भी रहूँगा। यह बयान दक्षिण भारत में विपक्षी एकता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तेलंगाना CM Revanth Reddy ने किया स्वागत

हैदराबाद एयरपोर्ट पर तेलंगाना के सीएम रेवन्त रेड्डी ने अखिलेश यादव का स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि, विपक्ष दक्षिण और उत्तर की राजनीति को जोड़ने की तैयारी में है।
