श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर के पास शुक्रवार रात एक भयानक विस्फोट हुआ, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने आसपास के इलाके को पूरी तरह घेर लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का आकलन किया। डीजीपी ने बताया कि पुलिस थाना नौगाम की एफआईआर संख्या 162/2025 के तहत 9 और 10 नवंबर 2025 को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक, रसायन और रीजेंट बरामद किए गए थे।
बरामदगी को सुरक्षित तरीके से पुलिस स्टेशन के खुले क्षेत्र में रखा गया था। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इन नमूनों को फोरेंसिक और रासायनिक जांच के लिए भेजा जाना था। इस प्रक्रिया के दौरान, शुक्रवार रात लगभग 11:20 बजे एक आकस्मिक विस्फोट हो गया।
इस हादसे में नौ लोगों की जान गई। इनमें एसआईए का एक कर्मी, एफएसएल टीम के तीन सदस्य, क्राइम सीन के दो फोटोग्राफर, मजिस्ट्रेट टीम के दो राजस्व अधिकारी और एक दर्जी शामिल हैं। इसके अलावा, 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विस्फोट से पुलिस स्टेशन की इमारत को गंभीर नुकसान हुआ, जबकि आसपास की इमारतें भी प्रभावित हुई हैं। धमाके की आवाज आसपास के कई इलाकों—जैसे राजबाग, पुराना सचिवालय, छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चौक—में तक सुनाई दी।
जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट हाल ही में जब्त किए गए अमोनियम नाइट्रेट और एनपीएस विस्फोटक के जखीरे की सैंपलिंग के दौरान हुआ। यह सामग्री हाल के सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के मामले में बरामद की गई थी, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद के संदिग्ध शामिल थे।
इस आतंकी मॉड्यूल के संबंध में पुलिस ने 19 अक्टूबर को नौगाम थाने में मामला दर्ज किया था। फरीदाबाद से बरामद 2,900 किलोग्राम विस्फोटक और भारी हथियार इस मॉड्यूल से जुड़े थे। पुलिस ने अब तक 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनमें डॉ. मुजम्मिल गनई भी शामिल हैं।
विस्फोट के तुरंत बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया और घटनास्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। डीजीपी नलिन प्रभात ने कहा कि जांच जारी है और पुलिस इस दुख की घड़ी में मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।
