तेलंगाना: रेवंत रेड्डी मंत्रिमंडल में कांग्रेस नेता और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को शामिल किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, अजहरुद्दीन को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक सरकार, कांग्रेस पार्टी या अजहरुद्दीन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
अजहरुद्दीन ने 2023 में जुबली हिल्स क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उन्हें अगस्त में राज्यपाल कोटे से एमएलसी के रूप में नामित किया गया था।
भाजपा का विरोध और आचार संहिता का सवाल
भाजपा ने गुरुवार (30 अक्टूबर) को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अजहरुद्दीन की कैबिनेट में शामिल होने के प्रस्ताव का विरोध किया। भाजपा ने इसे आचार संहिता का घोर उल्लंघन बताते हुए दावा किया कि यह 11 नवंबर को होने वाले जुबली हिल्स उपचुनाव में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण है।
भाजपा का कहना है कि अजहरुद्दीन की नियुक्ति का मकसद मतदाताओं के एक वर्ग को लुभाना और उनके वोट हासिल करना है। हालांकि आदर्श आचार संहिता पूरे हैदराबाद शहर पर लागू नहीं होती, लेकिन पार्टी का मानना है कि मुख्यमंत्री की कथित घोषणा उपचुनाव पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक महत्व
तेलंगाना कैबिनेट में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित 15 सदस्य हैं और अब तीन और सदस्यों को शामिल करने की संभावना है। वर्तमान कैबिनेट में अल्पसंख्यकों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है। सूत्रों के अनुसार, तेलंगाना कांग्रेस ने पार्टी हाईकमान से अजहरुद्दीन को कैबिनेट में लेने का अनुरोध किया, जिसे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने मंजूरी दे दी है। यह कदम विशेष रूप से जुबली हिल्स उपचुनाव के लिए अहम माना जा रहा है, जहाँ एक लाख से अधिक मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह शुक्रवार को होने की संभावना है।
