बरेली : यूपी के बरेली छावनी परिषद (कैंट बोर्ड) ने सदर बाजार और आसपास के इलाकों में अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख जारी रखा है। गुरुवार को अभियान के दूसरे दिन भी परिषद की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सुबह करीब 11 बजे टीम भारी पुलिस बल के साथ सदर बाजार पहुंची, और चिह्नित अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त करना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार और स्थानीय महिलाएं विरोध में सामने आ गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि छावनी परिषद की टीम ने सामान हटाने का समय तक नहीं दिया। इस दौरान टीम और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। विरोध के बावजूद प्रशासन और छावनी परिषद का बुलडोजर नहीं रुका और ध्वस्तीकरण जारी रहा।
महिलाओं का टीम पर अभद्रता का आरोप
इस दौरान महिलाओं ने आरोप लगाया कि “टीम को बात करने की भी तमीज नहीं है। हमसे कहा गया था कि थोड़ी देर रोक लें, सामान निकाल लेते हैं। लेकिन उन्होंने एक भी बात नहीं सुनी।”कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई में पक्षपात किया जा रहा है।
CEO ने पहले ही जारी कर दिए थे आदेश
छावनी परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने 24 अक्तूबर को अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद बुधवार से यह अभियान शुरू हुआ है। पहले दिन टीम ने कैंट थाना पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सदर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में दुकानों के सामने बने अस्थायी ढांचे, बढ़ाए गए शेड, सड़क पर किए गए कब्जे और अवैध निर्माण हटाए थे। कई स्थानों पर पुरानी दीवारें और छोटे निर्माण भी तोड़े गए।
31 अक्तूबर तक चलेगा विशेष अभियान
कैंट बोर्ड अधिकारियों के अनुसार चिन्हित अतिक्रमणों की सूची पहले से तैयार है। कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से होगी। सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक क्षेत्रों को फिर से खाली कराकर आम नागरिकों के उपयोग में लाया जाएगा।।टीम का कहना है कि अतिक्रमण हटाने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस बल और बढ़ाया जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों में चिंता बढ़ी
ध्वस्तीकरण के चलते बाजार में बेचैनी बढ़ गई है। कई दुकान मालिक पिछले 15–20 साल से लगे कब्जों के हटने पर चिंता में हैं। वहीं कुछ लोग इसे सार्वजनिक व्यवस्था सुधारने की जरूरत भी बता रहे हैं।
