नई दिल्ली : बसपा सुप्रीमो मायावती और बिहार के एकमात्र बसपा विधायक सतीश कुमार सिंह उर्फ पिंटू यादव की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में खासा ध्यान खींचा है। इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिनमें विधायक सतीश सिंह घुटनों के बल मायावती के सामने बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके हाथ जुड़े हुए हैं और उन्होंने जूते उतार रखे हैं। वहीं, मायावती भी हाथ जोड़कर मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं।
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद इस मुलाकात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बसपा समर्थकों के X फैन पेज ने तस्वीरें शेयर की हैं। बताया जा रहा है कि विधायक सतीश सिंह ने मुलाकात के दौरान बिहार में मतगणना के दिन हुई लाठीचार्ज और बसपा कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसिया कार्रवाई की शिकायत मायावती से की।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बसपा ने रामगढ़ सीट पर मात्र 30 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। यहां त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा उम्मीदवार सतीश सिंह भाजपा और राजद प्रत्याशियों पर भारी पड़े। मायावती ने चुनाव प्रचार के दौरान इस सीट पर रैली की थी, जिसका सीधा असर नतीजों में दिखा।
दिल्ली में हुई बैठक में सतीश सिंह ने मतगणना केंद्र पर हुए विवाद और बाद में पुलिस द्वारा बसपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई FIRs का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि हिंसा में दूसरे दलों के लोग भी शामिल थे, बावजूद इसके पुलिस चुन-चुनकर बसपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना बना रही है।
मायावती ने मतगणना के दौरान हुई हिंसा की निंदा की और कहा कि स्थिति को काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा था, जिसमें कई बसपा कार्यकर्ता घायल हुए। घटनाक्रम के बाद पुलिस ने लगभग 250 नामजद और 1000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था।
मायावती ने बुधवार को दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में बिहार सहित कई राज्यों की समीक्षा बैठक बुलाई थी। इस बैठक में झारखंड, महाराष्ट्र, उड़ीसा और गुजरात की संगठनात्मक स्थिति पर भी चर्चा की गई। बैठक में पहुंचे सतीश सिंह ने कहा कि मायावती का उन पर भरोसा और टिकट देना ही उनकी जीत का सबसे बड़ा कारण रहा।
