सुल्तानपुर : उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री और सुल्तानपुर जिले के प्रभारी ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। वे जिले में मीडिया से बातचीत कर रहे थे, जहां उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ही कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं तो अदालत के आदेश के अनुसार या तो प्रशासक की नियुक्ति की जाएगी या फिर पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा।
मंत्री राजभर ने कहा कि सरकार पूरी तरह से संवैधानिक प्रक्रिया और न्यायालय के निर्देशों का पालन करेगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या देरी की स्थिति में कानून के दायरे में रहकर ही समाधान निकाला जाएगा। उनके इस बयान को पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
इसी बीच ओम प्रकाश राजभर नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर भी मुखर नजर आए। हाल ही में लोकसभा में यह बिल गिरने के बाद वे जिले में पहुंचे थे। उन्होंने जिला पंचायत सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इसके बाद वे भाजपा महिला मोर्चा द्वारा आयोजित उस रैली में भी शामिल हुए, जो नारी शक्ति वंदन बिल के समर्थन और कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के विरोध में निकाली गई थी।
राजभर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया था। उन्होंने बताया कि सरकार की योजना परिसीमन के माध्यम से लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा उत्पन्न की।
उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की मंशा कभी भी महिलाओं को उनका अधिकार देने की नहीं रही। उनके अनुसार, जब देश की जनसंख्या के अनुसार लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण आवश्यक था, तब भी विपक्ष ने सरकार का साथ नहीं दिया। राजभर ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़कर लगभग 815 होनी चाहिए थी, लेकिन इस पर सहमति नहीं बन सकी। मंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण बिल को लटकाती रही है। अब जब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है, तब विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है और इसका श्रेय प्रधानमंत्री को नहीं देना चाहता।
राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाओं को राजनीति में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर मुद्दे पर भी राजनीतिक स्वार्थ हावी हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के अधिकारों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और आने वाले समय में इस दिशा में और मजबूत कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि जनता इस मुद्दे पर सच्चाई को समझ रही है और विपक्ष की राजनीति को नकार रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जिला पंचायत सभागार और रैली स्थल पर भारी भीड़ मौजूद रही। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ओम प्रकाश राजभर के बयान ने जिले की राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है, और पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
