नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ से जुड़ी सेवाओं को अब आम सदस्यों तक और ज्यादा आसान तरीके से पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ईपीएफओ जल्द ही सुविधा सहायक या सुविधा प्रोवाइडर तैनात करने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे सदस्यों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार ईपीएफओ कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, बीते कुछ वर्षों में ईपीएफओ की अधिकांश सेवाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं। पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को लगभग पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और अब ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। इसका उद्देश्य यह है कि सदस्य घर बैठे ही पीएफ से जुड़ी सेवाओं का लाभ उठा सकें। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से न सिर्फ समय की बचत हुई है, बल्कि शिकायतों और तकनीकी त्रुटियों में भी कमी दर्ज की गई है।
इसी कड़ी में ईपीएफओ अब ऐसे इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहा है, जो संगठन की सेवाओं की पूरी प्रक्रिया को समझ सकें। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन्हें सुविधा सहायक के रूप में नामित किया जाएगा। ये सुविधा सहायक ईपीएफओ सदस्यों को ऑनलाइन आवेदन, क्लेम फाइल करने, पीएफ ट्रांसफर, जरूरी दस्तावेजों की जानकारी और अन्य प्रक्रियाओं में मदद करेंगे।
प्रस्ताव के अनुसार, सुविधा सहायक अपने-अपने केंद्रों से ईपीएफओ से जुड़ी सेवाएं तय शुल्क के बदले उपलब्ध कराएंगे। हालांकि, इन सेवाओं के लिए कितना शुल्क लिया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर फैसला आगामी ईपीएफओ सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की बैठक में लिया जा सकता है। माना जा रहा है कि यह पहल खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और तकनीकी जानकारी की कमी वाले सदस्यों के लिए काफी राहतभरी साबित होगी।
