पटना/दिल्ली : बिहार में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अब मतदाता बिना किसी दस्तावेज के भी गणना फॉर्म (Counting Form) भरकर बीएलओ (BLO) को जमा कर सकते हैं। यह निर्णय चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाता सूची अद्यतन को आसान और समावेशी बनाने के उद्देश्य से लिया है।
2003 से पहले के 4.96 करोड़ मतदाताओं को पहले से छूट
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने मीडिया को बताया कि 2003 की मतदाता सूची में नामित लगभग 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 4.96 करोड़ मतदाताओं को किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। शेष करीब 3 करोड़ नए वोटरों के लिए बीएलओ द्वारा बाद में सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
ऐसे भरें गणना फॉर्म
मतदाता सिर्फ गणना फॉर्म भरें,उसमें अपना हस्ताक्षर करें,तस्वीर (फोटो) चिपकाएं,और बीएलओ को 26 जुलाई 2025 तक जमा कर दें। बीएलओ इन फॉर्म्स को तुरंत ऑनलाइन अपलोड करेंगे। जिससे संबंधित व्यक्ति का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सकेगा।
आखिरी तारीख 26 जुलाई 2025
चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से गणना फॉर्म 26 जुलाई तक हर हाल में जमा करना होगा, ताकि समय पर मतदाता सूची का ड्राफ्ट तैयार हो सके। सीईओ ने बयान जारी कर कहा कि नाम दर्ज कराना अब और आसान है। विनोद सिंह गुंजियाल ने कहा”हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर योग्य नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में हो। इसके लिए प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं।”
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
बीएलओ द्वारा गणना फॉर्मों को तत्काल ऑनलाइन अपलोड करने से प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी होगी। इससे मतदाता सूची की गुणवत्ता भी सुधरेगी और चुनाव के दौरान फर्जी वोटिंग की संभावना कम होगी।
