प्रेम प्रसंग की रंजिश में 2019 में हुई थी हत्या, एससी/एसटी कोर्ट ने 8 गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला, दोनों दोषियों पर लगाया अर्थदंड
बरेली: यूपी के बरेली शहर के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए चर्चित हत्या कांड में एससी/एसटी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने घर में घुसकर युवक की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में पिता और पुत्र को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह
इस मामले में शहर की रामगंगानगर कॉलोनी निवासी क्रांति पत्नी राजेश ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उनके भाई सतनाम पड़ोस में रहने वाले काशीनाथ की बेटी को अपने साथ भगा ले गया था। इसी बात को लेकर काशीनाथ और उसके परिवार की उनसे रंजिश चल रही थी। पुलिस के अनुसार, इसी दुश्मनी ने बाद में खूनी रूप ले लिया।
घर में घुसकर किया था चाकू से हमला
यह घटना 9 जुलाई 2019 की सुबह करीब 10:30 बजे की है।आरोप है कि काशीनाथ और उसका बेटा रोहित उनके घर में घुस आए। उस समय क्रांति का भाई कमल उर्फ छोटू घर में बिस्तर पर लेटा हुआ था। दोनों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
8 गवाहों की गवाही के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
इस मामले में बिथरी चैनपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कुल 8 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एससी/एसटी कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।
पिता-पुत्र को उम्रकैद, जुर्माना भी लगाया गया
एससी/एसटी कोर्ट ने आरोपी रोहित और काशीनाथ निवासी रामगंगानगर कॉलोनी, थाना बिथरी चैनपुर को धारा 302/34 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं धारा 452 आईपीसी के तहत दोनों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि जुर्माना जमा नहीं किया जाता है तो प्रत्येक आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
