शाहदाना से श्यामगंज तक निकाला जन आक्रोश शांति मार्च, 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित 0.4% MDR वापस लेने की मांग
बरेली : UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के विरोध में गांधी जयंती पर बरेली के व्यापारियों ने ‘नो UPI डे’ मनाया। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर व्यापारियों ने शाहदाना चौराहे से श्यामगंज मार्केट तक जन आक्रोश शांति मार्च निकाला। हाथों में तख्तियां लेकर व्यापारियों ने MDR के विरोध में नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से UPI QR कोड व बारकोड की होली जलाकर विरोध दर्ज कराया।व्यापारियों का कहना है कि 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर MDR लागू होने से खासकर कम मार्जिन पर कारोबार करने वाले व्यापारियों की लागत बढ़ सकती है। मौजूदा व्यवस्था के तहत पात्र P2M यानी व्यक्ति से व्यापारी को होने वाले 2,000 रुपये से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होना है। यह शुल्क व्यापारी पक्ष पर होगा और सामान्य ग्राहक से सीधे वसूलने का प्रावधान नहीं है।
MDR से कारोबार की लागत बढ़ने की चिंता
व्यापारियों ने कहा कि छोटे और मध्यम कारोबार में कई बार दो-तीन हजार रुपये की बिक्री पर बहुत कम मार्जिन बचता है। ऐसे में MDR से कारोबार की लागत बढ़ने की चिंता है। उन्होंने सरकार से व्यवस्था पर पुनर्विचार कर MDR वापस लेने की मांग की। व्यापारी नेताओं ने कहा कि स्थानीय दुकानदार पहले ही विभिन्न करों और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत उनकी चिंता बढ़ा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
सरकार ने कही ये बात
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि UPI उपभोक्ताओं के लिए सामान्य तौर पर मुफ्त रहेगा और MDR ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाना है। वहीं, छोटे व्यापारियों के लिए भी कुछ निर्धारित शर्तों के तहत छूट का प्रावधान है। UPI MDR को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारी संगठनों की ओर से विरोध सामने आया है। बरेली में भी व्यापारियों ने गांधी जयंती के दिन प्रदर्शन के जरिए अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।
