करेली रोड स्थित आयुष्मान फर्टिलाइजर्स में कृषि विभाग की कार्रवाई, खाद और कच्चे माल के नमूने जांच के लिए भेजे गए
बरेली : गेहूं की बुवाई से पहले खाद की गुणवत्ता को लेकर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बुखारा मोड़, करेली रोड स्थित आयुष्मान फर्टिलाइजर्स पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। जांच के दौरान परिसर में संदिग्ध खाद स्टॉक के साथ मिट्टी और कोयला मिलने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने खाद और कच्चे माल के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी के नेतृत्व में टीम ने फर्म का आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान परिसर से करीब 1200 बोरी यूरिया जब्त की गई। इसके अलावा निर्मित पीडीईएमओ और प्रोम के सिले हुए बैग से भी नमूने लिए गए। कुल चार नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मिट्टी और कोयला मिलने से उठे सवाल
जांच टीम को परिसर में मिट्टी के ढेर और बोरियों में कोयला भी मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि इनका इस्तेमाल खाद तैयार करने या मिलावट में किया जा सकता है। हालांकि, खाद की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें किसी तरह की मिलावट की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।
सरकारी खाद के स्टॉक की भी जांच
अधिकारियों ने परिसर में मिले खाद के स्टॉक से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग के अनुसार, अनुदानित यूरिया के कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में फर्म के स्वामी आयुष अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की अनुमति मांगी गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक, जब्त खाद और लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद की गुणवत्ता और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि परिसर में मिला स्टॉक कहां से आया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
