पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको-टूरिज्म परियोजनाओं की समीक्षा की, जनसुनवाई में डीएम अविनाश सिंह ने दिखाई मानवीय संवेदनशीलता
बरेली : बरेली मंडल में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंडलायुक्त कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में बरेली मंडल के 32 पर्यटन प्रस्तावों पर विस्तार से मंथन किया। बैठक में धार्मिक पर्यटन, ईको-टूरिज्म, नाथ कॉरिडोर, ‘परंपरा’ वन-स्टॉप सेंटर और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता दी गई। इसी दिन जनसुनवाई के दौरान डीएम अविनाश सिंह ने किडनी रोग से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर महिला की मदद करते हुए अपनी ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देकर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय भी दिया।
35 करोड़ से अधिक की पर्यटन परियोजनाओं पर चर्चा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत पर्यटन विभाग के 26 प्रस्तावों सहित कुल 32 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें बरेली के 12, शाहजहांपुर के 8 तथा पीलीभीत और बदायूं के 3-3 प्रस्ताव शामिल हैं। धार्मिक कार्य विभाग के दो तथा संस्कृति विभाग के तीन प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। पर्यटन एवं धार्मिक कार्य विभाग की प्रस्तावित परियोजनाओं की अनुमानित लागत 35 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई।
‘परंपरा’ सेंटर और ईको-टूरिज्म पर विशेष फोकस

बैठक में बरेली मंडल के लिए प्रस्तावित ‘परंपरा’ पर्यटन एवं संस्कृति वन-स्टॉप सेंटर को विशेष महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य चारों जिलों के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को एक साझा पहचान देना है। वहीं सीबीगंज में लगभग सात करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ईको-टूरिज्म परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें हरित क्षेत्र, प्राकृतिक भ्रमण पथ, गज़ेबो और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
नाथ कॉरिडोर और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर
पर्यटन मंत्री ने निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि अलखनाथ मंदिर, तुलसी मठ, तपेश्वर नाथ सहित सभी विकास कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। लक्ष्य है कि वर्ष 2026 के अंत तक श्रद्धालुओं को एक समेकित आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा विभिन्न मंदिरों, आश्रमों, गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों पर पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, साइनेज, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
रामलीला मैदान और ऑडिटोरियम भी होंगे विकसित

संस्कृति विभाग ने बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर के तीन रामलीला मैदानों के विकास का प्रस्ताव रखा। बदायूं के दातागंज में 500 दर्शकों की क्षमता वाले ऑडिटोरियम और सार्वजनिक पुस्तकालय निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री जयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना को अंतिम मंजूरी से पहले उसकी ऐतिहासिक और धार्मिक प्रामाणिकता, भूमि की उपलब्धता और जन उपयोगिता का सत्यापन किया जाएगा। बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, जनप्रतिनिधि, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में डीएम ने दिखाई संवेदनशीलता
इसी बीच जनसुनवाई के दौरान किडनी रोग से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर महिला कंचन सिंह ने उपचार के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए और अपनी ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। डीएम ने कहा कि पात्र जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उनके इस मानवीय कदम की जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने सराहना की और इसे प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बताया।
