21 जून को रवाना हुए थे उमरे के सफर पर, करीब 2 हजार अकीदतमंदों के काफिले ने की थी शिरकत, हरमैन शरीफैन में मुल्क की अमन-तरक्की के लिए की गईं खास दुआएं
बरेली : ख़ानक़ाह-ए-सकलैनिया शराफ़तिया के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियाँ के उमरे से वतन लौटने पर दिल्ली से लेकर बरेली तक अकीदतमंदों ने उनका गर्मजोशी और अकीदत के साथ स्वागत किया। रविवार शाम दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद सैकड़ों मुरीदीन ने फूल-मालाओं के साथ उनका इस्तक़बाल किया। इसके बाद देर रात जब उनका काफिला बरेली स्थित ख़ानक़ाह शरीफ़ पहुंचा तो पूरा परिसर दरूद -ओ- सलाम और स्वागत के नारों से गूंज उठा। जानकारी के अनुसार, शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियाँ हुज़ूर 21 जून को उमरे के मुक़द्दस सफर पर रवाना हुए थे।
दो हजार अकीदतमंदों ने की शिरकत
उनकी सरपरस्ती में देश के विभिन्न राज्यों से करीब दो हजार अकीदतमंदों का काफिला भी इस रूहानी यात्रा में शामिल हुआ। सभी ने हरमैन शरीफैन में उमरे की अदायगी, रौज़ा-ए-अक़दस पर हाज़िरी और मुक़द्दस मुक़ामात की ज़ियारत की। इस दौरान देश में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआएं भी की गईं।
फूल बरसाकर किया स्वागत
बरेली स्थित ख़ानक़ाह शरीफ़ पहुंचने पर अकीदतमंदों ने फूल बरसाकर अपने पीरो-मुर्शिद का स्वागत किया और उनसे दुआएं लीं। देर रात तक मुबारकबाद देने वालों का सिलसिला जारी रहा। पूरे परिसर में रूहानी माहौल देखने को मिला और लोगों ने इस वापसी को अपने लिए बड़ी नेमत बताया। उमरे के इस काफिले में बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर, पीलीभीत, झांसी, भोपाल, दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद समेत उत्तराखंड के किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर, काशीपुर और हरिद्वार सहित कई शहरों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
यह रहे मौजद
इस पवित्र यात्रा में सादकैन मियां, हाफिज़ गुलाम गौस, मुंतसिब सकलैनी, असदक सकलैनी,मुनीफ सकलैनी, हाजी लतीफ सकलैनी, हाजी इंतिजार सकलैनी, मुकीत सकलैनी, यूसुफ़ सकलैनी, अज़ीम सकलैनी और तफ़द्दुल सकलैनी विशेष रूप से हज़रत ग़ाज़ी मियाँ हुज़ूर के साथ मौजूद रहे। समारोह के दौरान अकीदतमंदों ने उनकी सलामती, लंबी उम्र और दीन की खिदमत के लिए दुआएं भी कीं।
