पीयूसीएल के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन, शांतिपूर्ण सभा, ज्ञापन देने के अधिकार और श्रमिकों की समस्याओं पर उठाई आवाज
बरेली : यूपी के बरेली में शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक, श्रमिक एवं जन-संगठनों के प्रतिनिधियों ने भारत की राष्ट्रपति के नाम डीएम (जिलाधिकारी) के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला एवं पुलिस प्रशासन पर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के कथित उल्लंघन के आरोप लगाए गए। प्रतिनिधियों ने दावा किया कि शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आवागमन और ज्ञापन देने जैसे अधिकारों में प्रशासन द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप किया गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि इंकलाबी मजदूर केंद्र के दो कार्यकर्ताओं को 30 अप्रैल से 2 मई 2026 तक कथित रूप से रोके रखा गया। इसके कारण वे 1 मई को आयोजित मजदूर दिवस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। यह भी कहा गया कि कार्यक्रम की अनुमति के लिए एक माह पहले आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम वाले दिन सुबह लगभग 11 बजे अनुमति जारी की, जिससे आयोजन प्रभावित हुआ।
सीएम को नहीं देने दिया ज्ञापन
इसके अलावा, ज्ञापन में 30 जून 2026 को मुख्यमंत्री के बरेली दौरे का भी उल्लेख किया गया।संगठनों का आरोप है कि उस दिन इंकलाबी मजदूर केंद्र के नगर सचिव ध्यानचंद मौर्य, ऑटो रिक्शा टेम्पो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष कृष्ण पाल, किसान एकता संघ के अध्यक्ष रवि नागर समेत अन्य सामाजिक एवं श्रमिक कार्यकर्ताओं को सुबह से ही उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री को शांतिपूर्वक ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन उन्हें कथित रूप से घरों में ही रोक दिया गया।
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें
संगठनों ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पांच प्रमुख मांगें रखीं कि संबंधित घटनाओं की किसी वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। शांतिपूर्ण सभा, जुलूस और ज्ञापन संबंधी अनुमति के लिए समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रक्रिया निर्धारित की जाए। मुख्यमंत्री अथवा अन्य जनप्रतिनिधियों के दौरे के दौरान नागरिकों से ज्ञापन लेने के लिए नोडल अधिकारी और निर्धारित स्थान की व्यवस्था की जाए। जांच में यदि किसी अधिकारी की मनमानी या विधि-विरुद्ध कार्रवाई प्रमाणित होती है तो उसके विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। परसाखेड़ा, रजऊ तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन, कार्य अवधि, ओवरटाइम, पीएफ, ईएसआई और बोनस से जुड़ी शिकायतों की श्रम विभाग एवं संबंधित विभागों से जांच कराई जाए।
यह थे मौजूद
ज्ञापन सौंपने वालों में बीटीयूएफ के संजीव मेहरोत्रा, इंकलाबी मजदूर केंद्र के ध्यानचंद मौर्य, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के हिमांशु, ऑटो रिक्शा टेम्पो चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष के.पी. सिंह सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे। कार्यक्रम का नेतृत्व पीयूसीएल जिला इकाई बरेली के जिलाध्यक्ष यशपाल सिंह एडवोकेट ने किया। इस दौरान टीडी भास्कर एडवोकेट, सीपी सिंह एडवोकेट, इंतिखाब हुसैन, रजनीश कुमार एडवोकेट, ऋषिपाल सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
