बरेली : शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख मार्गों को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने पीलीभीत बाईपास रोड के चौड़ीकरण की तैयारी तेज कर दी है। प्रस्तावित योजना के तहत पीलीभीत बाईपास को छह लेन के विकसित मार्ग के रूप में तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही मार्ग के तीन प्रमुख चौराहों का भी पुनर्विकास किया जाएगा।खास बात यह है कि पूरे मार्ग को बरेली की ‘नाथ नगरी’ की पहचान और नाथ कॉरिडोर की थीम से जोड़कर विकसित करने की योजना है। मंगलवार को बीडीए की उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय, आईएएस ने मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता समेत प्राधिकरण की तकनीकी टीम के साथ पीलीभीत बाईपास रोड का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम ने विश्वविद्यालय-डोहरा रोड चौराहा, बनखंडी नाथ चौराहा और सौ फुटा तिराहा का जायजा लिया।
यातायात दबाव और जाम वाले स्थानों का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तीनों प्रमुख चौराहों पर मौजूदा यातायात दबाव, वाहनों की आवाजाही, सड़क की उपलब्ध चौड़ाई और जाम की स्थिति का अध्ययन किया। प्रस्तावित छह लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात को किस तरह व्यवस्थित किया जाए और किन स्थानों पर सुधार की जरूरत होगी, इस पर भी तकनीकी टीम ने मंथन किया। बीडीए की योजना केवल सड़क को चौड़ा करने और चौराहों का सौंदर्यीकरण करने तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित पुनर्विकास में यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और आम लोगों की सुविधा को भी प्रमुखता देने की बात कही गई है। इससे पीलीभीत बाईपास पर आवागमन को अधिक सुगम बनाने और जाम की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नाथ थीम पर बदलेगा पूरे मार्ग का स्वरूप
शहर के पीलीभीत बाईपास को नाथ कॉरिडोर और बरेली की धार्मिक पहचान से जोड़ने के लिए पूरे मार्ग पर एक समान थीम विकसित करने की योजना है।इसके तहत नाथ थीम आधारित प्रकाश व्यवस्था, फोकस दीवारें, प्रतीकात्मक स्थापत्य और आइकॉनिक एलिमेंट्स लगाए जाने का प्रस्ताव है। मार्ग के प्रमुख चौराहों को भी उनकी यातायात आवश्यकता और स्थान की विशेषता के अनुरूप अलग पहचान देने की योजना है। सौ फुटा तिराहे पर प्रस्तावित फोकस दीवार के माध्यम से नाथ कॉरिडोर के साथ-साथ बरेली विकास प्राधिकरण की प्रमुख विकास योजनाओं को प्रदर्शित करने की योजना बताई गई है।
धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

छह लेन चौड़ी सड़क,बेहतर यातायात प्रबंधन, सुरक्षित चौराहों और नाथ थीम आधारित सौंदर्यीकरण को एक साथ जोड़कर पीलीभीत बाईपास को बरेली के प्रमुख आधुनिक मार्ग के रूप में विकसित करने की तैयारी है। बीडीए का मानना है कि इससे शहर में यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ बरेली की नाथ नगरी के रूप में पहचान को भी नया स्वरूप मिलेगा। नाथ कॉरिडोर से जुड़ी थीम के कारण मार्ग को धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बनाने की योजना है। हालांकि, छह लेन चौड़ीकरण की लंबाई, निर्माण लागत, कार्य शुरू होने की निश्चित तिथि और पूरा होने की समयसीमा जैसे विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय विवरण आधिकारिक रूप से अलग से सामने आने बाकी हैं।
जनता की सुविधा और सुरक्षा पहली प्राथमिकता
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाथ कॉरिडोर संबंधी विजन को आगे बढ़ाते हुए पीलीभीत बाईपास के चौड़ीकरण को शहर के समग्र विकास से जोड़ा जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता जनता की सुविधा और सुरक्षा है। उन्होंने बताया कि छह लेन चौड़ीकरण के साथ तीनों प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने, जाम से राहत दिलाने और आवागमन को सुरक्षित व सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रकाश व्यवस्था पर फोकस
इसके साथ ही पूरी सड़क को नाथ थीम के अनुरूप विकसित कर प्रकाश व्यवस्था, फोकस दीवारों और आइकॉनिक तत्वों के माध्यम से इसे बरेली की विशिष्ट पहचान वाला मार्ग बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।अगर योजना प्रस्ताव के मुताबिक आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में पीलीभीत बाईपास सिर्फ यातायात का प्रमुख रास्ता नहीं, बल्कि बरेली की आधुनिक विकास योजनाओं और ‘नाथ नगरी’ की पहचान को एक साथ प्रदर्शित करने वाला प्रमुख प्रवेश मार्ग बन सकता है।
