बरेली: दहेज के लालच में एक विवाहिता को लगातार प्रताड़ित करने और उसकी मौत के मामले में अदालत ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी अय्यूब को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में सात साल की सजा और आर्थिक दंड से दंडित किया है।
शादी के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
मामले के अनुसार, उम्मेदपुर निवासी खुर्शीद अहमद ने अपनी बेटी रुखसार की शादी वर्ष 2010 में उमरिया गांव निवासी अय्यूब से की थी। कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। रकम न मिलने पर रुखसार को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा। परिवार की ओर से कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन हालात नहीं सुधरे।
आखिरी फोन कॉल और दर्दनाक अंत
24 जून 2018 को रुखसार ने अपने पिता को फोन कर बताया था कि अगर दहेज नहीं मिला तो उसकी जान ले ली जाएगी। जब पिता बेटी के घर पहुंचे तो वहां रुखसार का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद पुलिस ने पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गवाहों के आधार पर कोर्ट का फैसला
सुनवाई के दौरान सात गवाह पेश हुए, जिनके बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सात साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना, जबकि दहेज उत्पीड़न के मामले में दो साल की सश्रम कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त जेल की सजा भी तय की गई है।
