बरेली : आज के दौर में जब हर ओर लालच और स्वार्थ की खबरें सुर्खियां बनती हैं, तो वहीं एक आम नागरिक की ईमानदारी ने समाज में भरोसे और इंसानियत की उम्मीद को फिर से जगा दिया है। दरअसल, एक व्यापारी अपने शोरूम से स्कूटी द्वारा घर लौट रहे थे। रास्ते में अनजाने में उनका बैग स्कूटी से गिर गया। उस बैग में 75,300 नकद, आधार कार्ड समेत कई जरूरी कागजात रखे हुए थे। घर पहुंचने के बाद जब स्कूटी पर बैग नहीं मिला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और वे बेहद परेशान हो गए।
अमित विसारिया की ईमानदारी ने समाज को दिया बड़ा संदेश
इसी बीच अगली सुबह उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले शख्स ने पूछा- “क्या आपका बैग कहीं गिर गया था?” बैग मालिक ने जैसे ही हां कहा, कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अमित विसारिया बताया और कहा कि बैग उनके पास सुरक्षित है। इसके बाद अमित विसारिया ने पूरा पता पूछा और खुद घर आकर बैग सौंप दिया। सबसे खास बात यह रही कि बैग में रखे 75,300 रुपये और सभी कागजात पूरी तरह सुरक्षित थे, जिनमें से एक रुपये तक भी कम नहीं था। अपना कीमती सामान सुरक्षित पाकर बैग मालिक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने भावुक होकर अमित विसारिया का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि आज भी समाज में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनकी ईमानदारी पर हमें गर्व होना चाहिए।
आज भी जिंदा है भरोसा
यह घटना न सिर्फ एक अच्छी खबर है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी है कि कठिन समय में भी इंसानियत और नैतिकता जिंदा है। अमित विसारिया जैसे लोग साबित करते हैं कि अच्छाई अब भी इस समाज की पहचान है।
