ग्रामीण बोले – नदी किनारे 7-8 फीट गहरे गड्ढों से बढ़ा कटान का खतरा, गांव चौथी बार उजड़ने की आशंका
बरेली : यूपी के बरेली से गुजरने वाली रामगंगा नदी किनारे हो रहे खनन को लेकर बरेली के तीन गांवों के ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्राम ऐना, माधौपुर खालसा और रूपपुर के ग्रामीणों ने सोमवार को डीएम ऑफिस पहुंचकर प्रदर्शन किया और खनन की अनुमति को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कारोबारी अनुमति की आड़ में नदी किनारे अवैध तरीके से गहरा खनन कर रहे हैं। जिससे गांवों पर दोबारा कटान और तबाही का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने डीएम को दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा कि उनके गांव रामगंगा नदी के बिल्कुल किनारे बसे हुए हैं, और यह पूरा इलाका बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है। बाढ़ और नदी के कटान की वजह से उनके गांव पहले ही कई बार उजड़ चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौजूदा खनन जारी रहा तो नदी का प्राकृतिक बहाव बदल सकता है और पानी का रुख गांवों की ओर हो सकता है, जिससे फिर से बड़े पैमाने पर कटान होने की आशंका है।
पहले भी तीन बार कट चुका है गांव
ग्रामीणों ने बताया कि रामगंगा के कटान के कारण उनके गांव पहले भी तीन-तीन बार कट चुके हैं।जिससे लोगों को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ा था।अब अगर फिर से कटान हुआ, तो उनके पास बसने के लिए कोई दूसरी जमीन नहीं बची है। ऐसे में खनन से उत्पन्न खतरा उनके अस्तित्व पर संकट बन सकता है।
7-8 फीट गहरे गड्ढे बना दिए

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कारोबारियों ने परमिशन का सहारा लेकर नदी किनारे सात से आठ फीट तक गहरे और कई बीघा क्षेत्र में तालाबनुमा बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए हैं। इससे न सिर्फ नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो सकता है, बल्कि बरसात और बाढ़ के समय कटान की रफ्तार भी तेज हो सकती है।ग्रामीणों ने खुद रुकवाया था खनन
गांव के लोगों ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए उन्होंने 23 फरवरी 2026 को क्षेत्रीय लेखपाल के सहयोग से खनन कार्य को रुकवा दिया था। ग्रामीणों के अनुसार उस दिन के बाद से वहां खनन फिलहाल बंद है, लेकिन उन्हें आशंका है कि कारोबारी दोबारा काम शुरू करने की कोशिश कर सकते हैं।
निजी खेतों के रास्तों से जबरन पहुंचने का आरोप
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि रामगंगा किनारे जाने के लिए कोई सरकारी रास्ता मौजूद नहीं है।खेती-बाड़ी के काम के लिए ग्रामीणों ने अपने खेतों में निजी रास्ते बना रखे हैं, लेकिन खनन कारोबारी उन्हीं निजी रास्तों का इस्तेमाल कर जबरन खनन स्थल तक पहुंचना चाहते हैं।
डीएम से की सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि यदि खनन कारोबारियों ने तथ्यों को।छिपाकर किसी घाट की अनुमति प्राप्त की है तो उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही ग्राम ऐना, रूपपुर और माधौपुर खालसा की भूमि में भविष्य में किसी भी प्रकार की खनन अनुमति न दी जाए।
खेतों के रास्ते से बंद हो खनन
ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि उनके निजी खेतों के रास्तों से खनन कराने पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। इस दौरान डीएम कार्यालय में तीनों गांवों के काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।
