रज़ा मस्जिद में कुरानख्वानी, महफिल और कुल शरीफ की होगी रस्म, उलेमा करेंगे रमज़ान की फ़ज़ीलत और रेहाने मिल्लत को खिराज -ए-अकीदत पेश
बरेली : यूपी के बरेली में स्थित दरगाह आला हज़रत में 8 मार्च रविवार को रेहाने मिल्लत हज़रत मौलाना रेहान रज़ा ख़ान रहमतुल्लाह अलैह का 40वां एक रोज़ा उर्स -ए-रहमानी अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा। उर्स के मौके पर देश-विदेश से आने वाले हजारों अकीदतमंद दरगाह परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। दरगाह प्रशासन के अनुसार उर्स की शुरुआत फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी से होगी।इसके बाद सुबह 8 बजे रज़ा मस्जिद में महफिल का आगाज़ दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा ख़ान की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन रज़ा क़ादरी की सदारत में किया जाएगा।
आला हज़रत की इल्मी व रूहानी विरासत पर बयान
महफिल में देश के विभिन्न हिस्सों से आए उलेमा-ए-किराम रमज़ान की फ़ज़ीलत, इस्लामी तालीमात और आला हज़रत की इल्मी व रूहानी विरासत पर बयान करेंगे। साथ ही रेहाने मिल्लत मौलाना रेहान रज़ा ख़ान को खिराज-ए-अकीदत पेश किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी।जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होंगे और दुआएं की जाएंगी।दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी के मुताबिक शाम 5 बजे नात-ओ-मनकबत की महफिल आयोजित होगी। इसके बाद सज्जादानशीन मुफ़्ती अहसन मियां की विशेष दुआ होगी और फिर सामूहिक रोज़ा इफ्तार कराया जाएगा।
सामूहिक रोजा इफ्तार में जुटेंगे रोजदार
सामूहिक रोजा इफ्तार में हजारों अकीदतमंद एक ही दस्तरख्वान पर दरगाह प्रमुख और सज्जादानशीन के साथ रोज़ा खोलेंगे। उर्स-ए-रहमानी के इस रूहानी मौके पर दूर-दराज़ के शहरों और राज्यों से भी बड़ी संख्या में जायरीन के बरेली पहुंचने की संभावना है। दरगाह प्रशासन ने सभी अकीदतमंदों से अपील की है कि कार्यक्रम में शरीक होकर दुआओं में शामिल हों और उर्स की रूहानी फिजा से फ़ैज़ हासिल करें।
