बरेली : यूपी के बरेली कोर्ट ने तीन बड़े आपराधिक मामलों में अहम फैसले सुनाते हुए दोषियों को सख्त सजा दी है। इन मामलों में नाबालिग से दुष्कर्म, मारपीट में युवक की मौत और दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी मानते हुए कई वर्षों के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
नाबालिग को भगाकर दुष्कर्म करने वाले को 31 साल की सजा
शहर के कैंट थाना क्षेत्र के अभयपुर कैंप निवासी उदयवीर पर साल 2020 में गांव की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला -फुसलाकर भगाने, जबरन शादी करने और दुष्कर्म करने का आरोप था। मामले में पॉक्सो कोर्ट ने उदयवीर को दोषी मानते हुए अलग-अलग धाराओं में कुल 31 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं आरोपी के पिता भूरे सिंह को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
मारपीट में युवक की मौत, आरोपी को 5 साल का कारावास
बरेली देहात के बहेड़ी थाना क्षेत्र में साल 2022 में आरिफ नाम के युवक की मारपीट के दौरान मौत हो गई थी। आरोप था कि छोटू उर्फ तस्लीम ने झगड़े के दौरान उसके सिर पर ईंट मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले की सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट ने छोटू उर्फ तस्लीम को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
दहेज हत्या मामले में सास को 13 साल की सजा
बहेड़ी थाना क्षेत्र के मकरोही गांव में विवाहिता राजेश्वरी की मौत के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट में पेश सबूतों के आधार पर आरोपी सास राजवन्त कौर उर्फ राजदीप कौर को दहेज उत्पीड़न, सबूत मिटाने और दहेज हत्या के मामले में दोषी पाया गया। अदालत ने उसे अलग-अलग धाराओं में कुल 13 साल के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं आरोपी पति सिमरनजीत सिंह की मौत हो जाने के कारण उसके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया गया।
अदालत ने गवाहों और सबूतों को माना अहम
तीनों मामलों में अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह पेश किए गए। अदालत ने कहा कि पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोप साबित हुए हैं। कोर्ट के इन फैसलों को गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
