दो लाख का इनामी अपराधी सात साल पहले जेल से भागा, कुख्यात अपराधी अब सलाखों के पीछे
बरेली : यूपी के मुरादाबाद जिले का सबसे बड़ा इनामी अपराधी सुमित चौधरी अब पुलिस की गिरफ्त में है। मुरादाबाद के हजरतगढ़ी थाना क्षेत्र निवासी सुमित साल 2018 में बदायूं जेल से कुख्यात साथी चंदन की मदद से दीवार फांदकर फरार हो गया था। उस पर प्रदेश के एडीजी अपराध ने दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
लंबे समय से थी तलाश
एसटीएफ ने लंबे समय तक सुमित की तलाश की। आरोपी इतना शातिर था कि मोबाइल फोन का इस्तेमाल बेहद कम करता था और सर्विलांस में पकड़ नहीं आता था। एसटीएफ के एएसपी अब्दुल कादिर के मुताबिक, सुमित पीलीभीत और टनकपुर के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था। टीम ने भारत-नेपाल सीमा के पास उसे दबोच लिया और बदायूं लेकर सिविल लाइंस थाने में लिखापढ़ी के बाद जेल भेजा जाएगा।
जानें सुमित का अपराधी करियर
सुमित का नाम पहली बार चर्चा में उस वक्त आया था, जब उसने 23 फरवरी 2015 को डिलारी के गांव हुमायूंपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। योगेंद्र उस समय रिंकू चौधरी हत्याकांड में जेल में बंद था और पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। सितंबर 2015 में सुमित को मुरादाबाद से बदायूं जेल शिफ्ट किया गया। 12 मई 2018 को उसने कुख्यात अपराधी चंदन के साथ मिलकर जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया।
एसटीएफ की बड़ी कामयाबी
आरोपी की तलाश में तब से पुलिस लगी हुई थी। अब बरेली एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि सुमित की गिरफ्तारी जिले की कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से अन्य अपराधियों में भी सख्ती का संदेश जाएगा।
