बरेली : शहर के थाना कैंट क्षेत्र में फोन पर फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।कैंट पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से दो तमंचे, जिंदा कारतूस और घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने “लल्ला गद्दी” का नाम लेकर सिर्फ डर पैदा करने की कोशिश की थी।
एडवोकेट को कॉल कर मांगी फिरौती
जानकारी के मुताबिक ग्राम चौबारी निवासी एडवोकेट चन्द्रभान सिंह ने थाना कैंट में शिकायत दर्ज कराई थी कि 7 मई को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल की। कॉल करने वाले ने खुद को “लल्ला गद्दी” बताते हुए उनके बेटे अर्पित सिंह की हत्या कराने की धमकी दी और दो लाख रुपये की फिरौती मांगी। शिकायत के आधार पर थाना कैंट में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
मोबाइल नंबरों की जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मोबाइल नंबरों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों वैभव सिंह और आकाश को चौबारी मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी फतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से दो तमंचे, दो जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए। वहीं इस मामले का तीसरा आरोपी अकरम अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुरानी रंजिश में रची गई थी पूरी साजिश
पूछताछ में आरोपी वैभव सिंह ने बताया कि उसके गांव की एक युवती की शादी करीब पांच-छह महीने पहले अर्पित सिंह से हुई थी। वैभव का पहले से उस युवती से संपर्क था। शादी के बाद अर्पित सिंह ने वैभव को फोन कर धमकाया था। इसी रंजिश में वैभव ने अपने साथियों आकाश और अकरम के साथ मिलकर परिवार को डराने की योजना बनाई।आरोपियों ने फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कॉल की और खुद को “लल्ला गद्दी” बताकर फिरौती मांगी। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में असली “लल्ला गद्दी” के शामिल होने का कोई सबूत नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
