बरेली: आजाद सहकारी आवास समिति लिमिटेड में भूखण्डों की बिक्री को लेकर करोड़ों रुपये के घोटाले का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। आरोप है कि समिति के पदाधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए गैर-सदस्यों के नाम भूखण्डों के बैनामे कर दिए, जिनमें पार्क की जमीन भी शामिल बताई जा रही है।
पार्क की जमीन समेत चार बैनामों पर सवाल
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में समिति के तत्कालीन सचिव द्वारा कुल चार बैनामे किए गए। इनमें से दो बैनामे पार्क के लिए आरक्षित भूमि से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसे दो हिस्सों में बांटकर एक ही गैर-सदस्य महिला के नाम दर्ज कराया गया। आरोप यह भी है कि यह भूमि पहले ही कानूनी रूप से शून्य घोषित हो चुकी थी।
सर्किल रेट करोड़ों में, कागजों में बेहद कम रकम
बताया जा रहा है कि चारों बैनामों का कुल सर्किल रेट करीब एक करोड़ रुपये से अधिक था, जबकि दस्तावेजों में समिति को मात्र कुछ हजार रुपये मिलने की एंट्री दिखाई गई। यही नहीं, जिन रकमों का उल्लेख बैनामों में है, उनके समिति के बैंक खाते में जमा होने के भी कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिले हैं।
समिति सदस्यों ने बैठकों से किया इनकार
मामले में प्रबंध समिति के कई सदस्यों ने लिखित बयान देकर दावा किया है कि उन्हें किसी भी बैठक की सूचना नहीं दी गई थी और न ही उन्होंने किसी बैनामे से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इससे फर्जी बैठकों और कागजी प्रक्रिया के जरिए जमीन बिक्री कराने की आशंका जताई जा रही है।
CO थर्ड का पक्ष
इस मामले पर सीओ तृतीय पंकज श्रीवास्तव ने THE JUSTICE HINDI को बताया कि फिलहाल यह मामला उनके संज्ञान में औपचारिक रूप से नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं थाना इज्जतनगर प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण की जांच की जा रही है। SHO ने बताया कि बिक्री से जुड़े सभी बिंदुओं को खंगाला जा रहा है।
