बरेली : मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की बरेली यूनिट को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने 11 किलो अवैध अफीम के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ 10 लाख रुपये आंकी जा रही है।
भमोरा थाना क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार,भमोरा थाना क्षेत्र के रमपुरा बुजुर्ग अंडरपास के पास संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। इस दौरान कार सवार कंडे मुंडा और बल्का मुंडा को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उनके कब्जे से 11 किलो अफीम, एक कार, दो मोबाइल फोन, एक आधार कार्ड और 9,200 रुपये नकद बरामद किए गई।
झारखंड के रहने वाले हैं आरोपी
पकड़े गए दोनों तस्कर झारखंड के निवासी हैं, और लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी में सक्रिय बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए हैं।
झारखंड के पहाड़ी इलाकों में करते थे अवैध खेती
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे झारखंड के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में चोरी-छिपे अफीम की खेती करते थे। वहां से तैयार माल को अलग -अलग माध्यमों से बरेली के तस्करों तक पहुंचाया जाता था, यहां से आगे इसे पंजाब भेजा जाता था और ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी वाले दिन भी दोनों आरोपी बरेली के एक तस्कर को अफीम की खेप देने पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के दौरान उनका एक साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
इस मामले में थाना भमोरा में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामद कार और अन्य सामान को सीज कर दिया गया है।
संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता
यह पूरी कार्रवाई एएनटीएफ बरेली यूनिट द्वारा की गई, जिसमें लखनऊ मुख्यालय की सर्विलांस टीम और भमोरा थाना पुलिस का भी सहयोग रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
