बरेली : शहर के पुराना शहर क्षेत्र में आज बड़े प्रशासनिक एक्शन की पूरी तैयारी थी। इसमें गुड मैरिज हॉल और ऐवान-ए-फ़रहत पर अवैध निर्माण के आरोपों को लेकर बुलडोज़र चलने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अंतिम समय पर कार्रवाई रोक दी गई, जिससे इलाके में फैली हलचल अचानक थम गई।
नोटिस वायरल होते ही बढ़ा तनाव
BDA ने दोनों शादी हाल को अवैध घोषित करते हुए नोटिस जारी किए थे। मगर, जैसे ही नोटिस वायरल हुए, पूरे इलाके में बुलडोज़र कार्रवाई की चर्चा तेज़ हो गई। बारादरी थाना पुलिस की टीमें सुबह से ही दोनों स्थानों पर तैनात रहीं। यहां तक कि गुड मैरिज हॉल के संचालकों ने संभावित कार्रवाई के डर से सामान तक बाहर निकलवाना शुरू कर दिया था।
फोर्स की कमी से कार्रवाई टली
दोपहर तक BDA की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद में स्पष्ट हुआ कि पर्याप्त फोर्स उपलब्ध न होने के कारण कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। अब यह कार्रवाई मंगलवार तक के लिए संभावित मानी जा रही है।
2011 से लंबित ध्वस्तीकरण आदेश
इन दोनों बरात घरों पर ध्वस्तीकरण आदेश वर्ष 2011 से लंबित हैं,लेकिन 26 सितंबर के बरेली बवाल के बाद शासन ने आरोपियों और उनके कथित मददगारों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए। सूफ़ी टोला और रज़ा चौक से हालिया गिरफ्तारियों के बाद कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम भी जांच में आए हैं, जिनमें इन हॉल संचालकों की भूमिका भी शामिल बताई जा रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
पिछले दिनों मौलाना तौकीर रज़ा से जुड़े कई व्यक्तियों की संपत्तियों पर कार्रवाई हुई थी,मार्केट सील किया गया, चार्जिंग स्टेशन तोड़ा गया और कई बरात घर ध्वस्त किए गए। उसी क्रम में आज इन दोनों हॉल पर बुलडोज़र चलने की उम्मीद जताई जा रही थी।
अब मंगलवार पर सबकी नज़र
अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण आदेश अभी भी प्रभावी है और कार्रवाई किसी भी समय की जा सकती है। इसी वजह से इलाके में तनाव और उत्सुकता दोनों बनी हुई हैं।
