NHAI ने शुरू की AI आधारित CCTV मॉनिटरिंग, 157 किमी फोरलेन अब सिक्सलेन की तैयारी में
बरेली : उत्तर प्रदेश में तकनीक के सहारे हाईवे को और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बरेली -सीतापुर नेशनल हाईवे पर एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने की शुरुआत कर दी है।
इन स्मार्ट कैमरों के जरिए
ओवरस्पीड, रांग साइड ड्राइविंग और सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में कंट्रोल रूम को तत्काल डिजिटल अलर्ट मिलेगा। जैसे ही कोई वाहन तय सीमा से अधिक रफ्तार में या गलत दिशा में चलता दिखेगा, कंट्रोल रूम में लाल बत्ती जल उठेगी और मोबाइल टीम को तुरंत सूचना भेजी जाएगी।
सेकेंडों में एक्शन, मौके पर पहुंचेगी टीम
परियोजना निदेशक नवरत्न के अनुसार, अलर्ट मिलते ही पेट्रोलिंग टीम मौके पर रवाना होगी। नियम उल्लंघन की स्थिति में चालान किया जाएगा, जबकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कराया जाएगा। उद्देश्य है कि हाईवे पर हादसों को कम करना और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय घटाना।
157 किमी फोरलेन, अब सिक्सलेन की तैयारी
बरेली से सीतापुर तक करीब 157 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को पहले ही फोरलेन में बदला जा चुका है। अब इसे सिक्सलेन करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। मुरादाबाद -बरेली खंड के सिक्सलेन टेंडर जारी हो चुके हैं, जबकि नवदिया झाड़ा पर प्रस्तावित सिक्सलेन फ्लाईओवर इसी परियोजना का हिस्सा है।
हर 1-2 किमी पर कैमरे, संवेदनशील जगहों पर खास निगरानी
हाईवे पर एक से दो किलोमीटर के अंतराल पर सामान्य कैमरे लगाए जा रहे हैं। शहरों, कस्बों और प्रमुख चौराहों को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, संवेदनशील स्थानों पर अत्याधुनिक एआई कैमरे लगाए जाएंगे, जो तीन प्रमुख बिंदुओं ओवरस्पीड, रांग साइड और दुर्घटना पर विशेष नजर रखेंगे।
वीएमएस बोर्ड से मिलेगी रियल टाइम जानकारी
प्रमुख स्थानों पर वैरिएबल मैसेज साइनबोर्ड (VMS) भी लगाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से इन बोर्डों पर ट्रैफिक जाम, निर्माण कार्य या किसी अवरोध की सूचना तुरंत प्रसारित की जाएगी, ताकि वाहन चालक पहले से सतर्क हो सकें।
हादसों में कमी लाने की तैयारी
एनएचएआई के अनुसार, एआई आधारित निगरानी से न केवल ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की दर में भी कमी आएगी। हाईवे को “स्मार्ट और सुरक्षित” बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
